बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि मुहर्रक में एक औद्योगिक इकाई में लगी भीषण आग को सिविल डिफेंस की टीमों ने बुझा दिया है। 28 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह आग ईरानी हमले की वजह से लगी थी जिस पर अब पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है और न ही कोई घायल हुआ है। प्रशासन ने इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करार दिया है।
🚨: सऊदी अरब का नया फरमान, मिसाइल और ड्रोन हमले के वीडियो शेयर करने पर होगी कानूनी कार्रवाई।
हमले और बहरीन की सुरक्षा व्यवस्था का पूरा विवरण
- बहरीन की डिफेंस फोर्स ने अब तक 500 से अधिक ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट किया है।
- 15 मार्च 2026 तक सेना ने 120 बैलिस्टिक मिसाइलों और 190 से ज्यादा दुश्मन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था।
- हाल ही में 26 मार्च को भी मुहर्रक की एक फैसिलिटी को निशाना बनाया गया था जहां आग बुझाने में सुरक्षा बलों को काफी मेहनत करनी पड़ी।
- बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को इन लगातार हो रहे हमलों की जानकारी देते हुए औपचारिक विरोध पत्र भेजे हैं।
- खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए क्या है मौजूदा स्थिति?
बहरीन में चल रहे इन तनावों का सीधा असर वहां रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। नागरिक सुरक्षा दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से कहा गया है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें। 1 मार्च 2026 को हुई बैठक में खाड़ी देशों ने साफ किया था कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी चिंता जताई है कि रिहायशी इलाकों के पास हो रहे हमलों से प्रवासी मजदूरों की जान को खतरा हो सकता है। बहरीन में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, इसलिए वहां का प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल मनामा और आसपास के महत्वपूर्ण ठिकानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
