अमेरिका-ईरान युद्ध में 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल, 13 की मौत और सऊदी बेस पर हमला
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर नया डेटा सामने आया है। रॉयटर्स और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैन्यकर्मी घायल हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि घायलों में से 273 सैनिक ठीक होकर अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं, जबकि अब तक 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नाम से जाना जा रहा है।
अमेरिकी सैनिकों की स्थिति और ताज़ा आंकड़े क्या हैं?
अमेरिकी सेना के आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि घायलों में से अधिकतर सैनिकों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने अब तक ईरान के 9,000 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है, लेकिन अभी भी 3,500 ठिकानों को निशाना बनाना बाकी है।
| विवरण | संख्या/जानकारी |
|---|---|
| कुल घायल सैनिक | 303 |
| ड्यूटी पर लौटे सैनिक | 273 |
| मृत सैनिकों की संख्या | 13 |
| ईरान में शेष टारगेट | 3,500 |
| ऑपरेशन का नाम | एपिक फ्यूरी |
सऊदी अरब में हमला और अन्य देशों पर असर
इस युद्ध का असर खाड़ी के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। 27 मार्च 2026 को सऊदी अरब में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में करीब 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और कुछ विमानों को नुकसान पहुंचा है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि यूएई, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।
- अमेरिकी रक्षा विभाग मिडिल ईस्ट में 10,000 और सैनिकों को भेजने की योजना बना रहा है।
- विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यह ऑपरेशन हफ्तों में खत्म हो सकता है।
- ईरान मानवीय मदद के लिए रास्ता देने को तैयार हो गया है।
- इस युद्ध में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के भी हताहत होने की खबर है।




