Thailand-Iran News: थाईलैंड के तेल जहाजों को मिला सुरक्षित रास्ता, ईरान के साथ हुआ अहम समझौता
थाईलैंड के प्रधानमंत्री Anutin Charnvirakul ने शनिवार को एक अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि थाईलैंड और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है जिसके तहत थाई तेल जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की इजाजत मिल गई है। इस फैसले से थाईलैंड में ऊर्जा सप्लाई और तेल की कमी को लेकर चल रही चिंताएं काफी हद तक कम हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस आधिकारिक समझौते की पुष्टि की है।
इस समझौते से थाईलैंड को क्या फायदा होगा?
थाईलैंड काफी समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल आयात पर निर्भर है और Strait of Hormuz इसके लिए एक मुख्य रास्ता है। इस समझौते के बाद तेल की सप्लाई में आने वाली रुकावटें दूर होंगी और ईंधन की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
- थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने बताया कि इससे ईंधन आयात में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा।
- यह समझौता मार्च की शुरुआत में हुई समुद्री घटनाओं के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
- ईरान के अधिकारियों ने थाईलैंड के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई है।
- Bangchak Corporation Plc का एक जहाज पहले ही इस रास्ते से सुरक्षित निकल चुका है।
समुद्री सुरक्षा और अन्य देशों का सहयोग
इस पूरे मामले में ओमान (Oman) ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। थाईलैंड और ईरान के बीच समन्वय बिठाने और जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने में ओमान ने मदद की है। मार्च के महीने में एक थाई जहाज पर हुए हमले के बाद से ही राजनयिक स्तर पर बातचीत तेज कर दी गई थी।
| संस्था का नाम | भूमिका |
|---|---|
| Bangchak Corporation | तेल टैंकर का सफल ट्रांजिट पूरा किया |
| SCG Chemicals | जहाज के लिए क्लीयरेंस का इंतजार |
| Oman | बचाव और समन्वय में सहयोग |
| AFP News | खबर की पुष्टि करने वाली एजेंसी |
थाईलैंड के विदेश मंत्री Sihasak Phuangketkeow ने ईरान के राजदूत से विशेष अनुरोध किया था कि थाई जहाजों को बिना किसी परेशानी के रास्ता दिया जाए। ईरानी दूतावास ने कहा है कि थाईलैंड एक पुराना दोस्त है और इस सहयोग के लिए किसी भी तरह का कोई भुगतान नहीं लिया गया है। अब SCG Chemicals का एक और जहाज भी इसी रास्ते से गुजरने की तैयारी में है।




