ईरान के राष्ट्रपति की खाड़ी देशों को कड़ी चेतावनी, कहा- अपनी ज़मीन का इस्तेमाल अमेरिका-इज़राइल को न करने दें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को खाड़ी देशों को एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देश अमेरिका और इज़राइल को ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए अपनी ज़मीन या संसाधनों का उपयोग न करने दें। राष्ट्रपति ने साफ किया कि अगर ईरान के आर्थिक ठिकानों या बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला होता है, तो उसका जवाब बहुत ही सख्त दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और कई जगहों पर सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
🗞️: UAE पर ईरान का हमला, वायु रक्षा ने 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन रोके।
ईरान की इस चेतावनी का खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
राष्ट्रपति पेजेशक्यान ने पड़ोसी देशों को सलाह दी है कि अगर वे अपने यहां विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो उन्हें बाहरी ताकतों का साथ देने से बचना चाहिए। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि युद्ध की स्थिति में विमान सेवाओं और रोज़गार पर सीधा असर पड़ता है। ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी देश को साम्राज्यवाद के औज़ार के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देना चाहता। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से भी इस बारे में बातचीत की गई है ताकि आपसी भरोसे को बढ़ाया जा सके।
पिछले कुछ दिनों में युद्ध के मैदान में क्या बड़े बदलाव आए हैं?
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे इस संघर्ष में पिछले 24 घंटों के दौरान कई बड़े सैन्य हमले हुए हैं। इन घटनाओं को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- शनिवार को ईरानी सेना ने ओमान के सलालाह बंदरगाह के पास एक अमेरिकी जहाज़ को निशाना बनाया।
- इज़राइल ने तेहरान के पास मौजूद ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं।
- शुक्रवार को ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला हुआ, जिसके बाद ईरान के विदेश मंत्री ने इसका भारी हर्जाना वसूलने की बात कही है।
- अमेरिकी और इज़राइली सेना ने मिलकर ईरान के कई औद्योगिक केंद्रों और भारी जल संयंत्रों को नुकसान पहुँचाया है।
ईरान में हाल ही में नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। फरवरी में अली खामेनेई की मौत के बाद अब मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। ईरान लगातार कह रहा है कि वह खुद हमले शुरू नहीं करेगा लेकिन अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।




