UAE पर ईरान का हमला, वायु रक्षा ने 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन रोके
28 मार्च, 2026 को UAE की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से लॉन्च की गईं 20 बैलिस्टिक मिसाइलों और 37 मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) को सफलतापूर्वक रोक दिया. अमीरात समाचार एजेंसी (WAM) ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है. यह हमला UAE की सुरक्षा को चुनौती देने का एक और प्रयास था, जिसे देश की मजबूत रक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया.
इस हमले से क्या नुकसान हुआ?
इन हमलों के कारण कुछ लोगों की जान भी गई. UAE सशस्त्र बलों के 2 सदस्य शहीद हुए, और एक मोरक्को नागरिक जो सशस्त्र बलों के लिए काम कर रहा था, वह भी शहीद हो गया. इसके अलावा, पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, फिलिस्तीनी और भारतीय नागरिकों सहित 8 अन्य लोग मारे गए. कुल मिलाकर, 178 लोग घायल हुए, जिनमें UAE, मिस्र, सूडान, इथियोपिया, फिलिपींस, पाकिस्तान, ईरान, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और अजरबैजान के नागरिक शामिल हैं. घायलों को मामूली से गंभीर चोटें आई हैं.
UAE और दुनिया के नेताओं ने क्या कहा?
UAE के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनी ‘X’ (पहले ट्विटर) पर पुष्टि की कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली और फाइटर जेट ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक रहे थे. राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने कहा कि UAE सभी खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आत्मरक्षा के अपने अधिकार को बरकरार रखता है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, जो 28 मार्च, 2026 को UAE के दौरे पर थे, ने ईरान के हमलों की निंदा की और उन्हें संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने भी हमलों को तुरंत रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आग्रह किया है.
अब तक कितने हमलों को रोका गया है?
इन ईरानी हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक, UAE की वायु रक्षा प्रणाली ने कुल 398 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1,872 UAVs को सफलतापूर्वक रोका है. यह आंकड़ा पिछले दिन के मुकाबले अधिक है, जो देश की लगातार रक्षा तैयारियों को दिखाता है. दूसरी ओर, ईरान की सेना ने 28 मार्च, 2026 को दावा किया कि उसने UAE में एक यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम डिपो को निशाना बनाया, यह आरोप लगाते हुए कि इसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना की मदद के लिए किया जा रहा था. UAE के रक्षा मंत्रालय ने लगातार अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए खतरों का सामना करने की अपनी तत्परता की पुष्टि की है.




