ईरान के राष्ट्रपति की पड़ोसी देशों को दो टूक, बोले- ‘हमारी जमीन से दुश्मन को युद्ध न चलाने दें’
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 28 मार्च, 2026 को पड़ोसी देशों को एक सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश तेहरान के “दुश्मनों” को अपनी ज़मीन से युद्ध चलाने की इजाज़त न दें. यह चेतावनी खासकर उन देशों के लिए थी जहाँ अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं. राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने ज़ोर देकर कहा कि क्षेत्र के देश अगर विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा होने से रोकना होगा.
🚨: ईरान में IRGC का बड़ा ऑपरेशन, फार्स प्रांत में 120 क्लस्टर बम किए नष्ट।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने क्या कहा?
राष्ट्रपति Pezeshkian ने साफ़ शब्दों में कहा, “क्षेत्र के देशों से कहना है: अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे दुश्मनों को अपनी ज़मीन से युद्ध न चलाने दें.” उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान कभी युद्ध की शुरुआत नहीं करता, लेकिन अगर उसके बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों पर हमला हुआ, तो वह ज़बरदस्त पलटवार करेगा. इससे पहले, 13 मार्च, 2026 को भी Pezeshkian ने चेतावनी दी थी कि पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों से ईरान पर किया गया कोई भी हमला “किसी भी हाल में अस्वीकार्य” होगा.
28 मार्च, 2026 को, Pezeshkian ने कुछ मुस्लिम देशों की ज़मीन का इस्तेमाल ईरान के ख़िलाफ़ ऑपरेशनों के लिए किए जाने पर अफ़सोस जताया. उन्होंने इसराइल की मंशा को लेकर भी आगाह किया कि वह संघर्ष को बढ़ाना चाहता है, और मुस्लिम देशों से अपील की कि वे अपनी ज़मीन को दूसरे मुस्लिम देशों के ख़िलाफ़ हमलों के लिए इस्तेमाल न होने दें.
इस मामले से जुड़े मुख्य देश और ताज़ा घटनाक्रम क्या हैं?
इस मामले में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, पड़ोसी देश (जिनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, क़तर, कुवैत और ओमान जैसे देश शामिल हैं जहाँ अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं), और “दुश्मन” के तौर पर अमेरिका और इसराइल मुख्य रूप से शामिल हैं. अमेरिका और इसराइल के साझा हमले 28 फरवरी, 2026 को ईरान पर शुरू हुए थे, जिसमें सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई थी.
पाकिस्तान इस बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने राष्ट्रपति Pezeshkian से बात की है, जिन्होंने बातचीत के लिए विश्वास की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है. पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेज़बानी का प्रस्ताव भी रखा है.
पिछले 24 घंटों में (28 मार्च, 2026 तक) कुछ अहम घटनाक्रम सामने आए हैं:
- इजरायल ने ईरान के “सत्ताधारी ठिकानों” पर कथित तौर पर हमले किए, तेहरान में धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं.
- ईरान के Revolutionary Guards ने दावा किया कि उन्होंने दक्षिणी प्रांत में 120 से ज़्यादा बिना फटे क्लस्टर बमों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया, जो अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान तैनात किए गए थे.
- ईरान से दागी गई मिसाइलों के बाद इजरायल में एक व्यक्ति की मौत की खबर है.
- 27 और 28 मार्च, 2026 को हुए ईरानी मिसाइल हमले में सऊदी अरब के एक अड्डे पर कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए और विमानों को नुक़सान पहुँचा.
- कुवैत में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रडार सिस्टम को ड्रोन हमलों से नुक़सान हुआ, और अबू धाबी में भी चोटें आईं और नुक़सान हुआ.
- ओमान के Salalah बंदरगाह पर भी 28 मार्च, 2026 को ड्रोन हमलों से चोटें आईं और शिपिंग कंपनियों ने अपना संचालन निलंबित कर दिया.




