दुबई में अमेरिकी सैनिकों पर हमले की खबर निकली झूठी, US सेना ने ईरान के दावे को किया खारिज
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उस दावे को पूरी तरह से गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमला हुआ है। ईरान की IRGC ने दावा किया था कि उन्होंने दुबई में अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया है और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि दुबई में किसी भी अमेरिकी कर्मी पर कोई हमला नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
ईरान की सेना (IRGC) ने क्या दावा किया था?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उनके सैन्य अधिकारियों ने सोशल मीडिया और अपनी न्यूज़ एजेंसियों के ज़रिए कई बड़े दावे किए थे। इन दावों में मुख्य बातें इस प्रकार थीं:
- ईरान का कहना था कि उन्होंने दुबई में दो ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया है जहाँ 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक छिपे हुए थे।
- लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफकारी के अनुसार, इन ठिकानों पर सटीक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया था।
- ईरान ने यह भी दावा किया कि फारस की खाड़ी में अमेरिका के तीन जहाजों को डुबो दिया गया है और कई अन्य में आग लगा दी गई है।
- उनके अनुसार, इन हमलों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
- ईरान ने UAE में एक यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम के गोदाम को भी नष्ट करने की बात कही थी।
अमेरिकी सेना और UAE प्रशासन का आधिकारिक जवाब
अमेरिकी सेना के CENTCOM ने इन सभी दावों को मनगढ़ंत बताया है। उनका कहना है कि ईरानी शासन अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठ का सहारा ले रहा है। अमेरिका ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें ईरानी नौसैनिक जहाजों पर हमले होते देखे जा सकते हैं। दूसरी ओर, UAE के रक्षा मंत्रालय ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी साझा की है।
| मिसाइल या ड्रोन का प्रकार | 28 मार्च को मार गिराए गए | 28 फरवरी से अब तक की कुल संख्या |
|---|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 20 | 398 |
| UAV या ड्रोन | 37 | 1872 |
| क्रूज मिसाइल | 0 | 15 |
दुबई में रह रहे लोगों और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर में किसी भी तरह के विस्फोट या युद्ध जैसी गतिविधि की कोई खबर नहीं है। प्रशासन ने लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है। जो लोग दुबई में रहते हैं या वहां यात्रा करने वाले हैं, उनके लिए स्थिति सुरक्षित बताई गई है क्योंकि एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से मुस्तैद है।




