West Bank में तेज़ी से बढ़े इज़रायली हमले, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद बिगड़े हालात
वेस्ट बैंक (West Bank) में रहने वाले लोगों के लिए हालात काफी मुश्किल हो गए हैं। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल की तरफ से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से वहां इज़रायली बसने वालों के हमलों में काफी तेज़ी आई है। फ़िलिस्तीनी न्यूज़ एजेंसी ‘वफ़ा’ (Wafa) और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इन हमलों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के पहले हफ्ते में ही हिंसा की घटनाओं में 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इस स्थिति ने इलाके में रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
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वेस्ट बैंक में हुई हिंसा और नुकसान की पूरी जानकारी
| तारीख | घटना का विवरण |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरान पर हमले के साथ ही वेस्ट बैंक में हिंसा तेज़ हुई |
| 10-16 मार्च | हमलों में 8 फ़िलिस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें 3 बच्चे थे |
| 22-23 मार्च | गांवों में घरों और गाड़ियों को आग लगाई गई |
| 26 मार्च | तुलकार्म के पास हमले में 3 फ़िलिस्तीनी घायल हुए |
| 27 मार्च | पूर्वी यरूशलेम में 1 की मौत और 14 लोग घायल हुए |
| 28 मार्च | वेस्ट बैंक के एरिया ए में नए अवैध ठिकाने बनाए गए |
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विशेषज्ञों की क्या राय है?
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के जानकारों ने वेस्ट बैंक की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यहाँ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और लोग डर के साये में रहने को मजबूर हैं। OCHA की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में इज़रायली बसने वालों के हमलों में घायल होने वाले फ़िलिस्तीनियों का औसत हर महीने 105 तक पहुँच गया है, जो 2024 में सिर्फ 30 था। इसके अलावा 13 यूरोपीय देशों और कनाडा ने भी एक साझा बयान जारी कर इस बढ़ती हिंसा की कड़ी निंदा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात तेज़ी से बिगड़ रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर पकड़ ढीली होती दिख रही है।




