Donald Trump ने ईरान के Kharg Island पर की बड़ी बमबारी, तेल ठिकानों को छोड़कर 90 मिलिट्री साइट्स को किया तबाह
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र Kharg Island पर बड़ी सैन्य कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अमेरिकी सेना ने द्वीप पर स्थित लगभग 90 सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है जिसमें हवाई रक्षा प्रणाली और नौसेना के बेस शामिल हैं। हालांकि राष्ट्रपति Trump ने फिलहाल तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुँचाया है लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में इसे पूरी तरह जब्त किया जा सकता है। ईरान का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल इसी द्वीप से निर्यात होता है जिससे यह पूरे क्षेत्र का सबसे संवेदनशील इलाका बन गया है।
खार्ग द्वीप पर हमले और ट्रंप की नई चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सेना ने Kharg Island पर सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। उन्होंने तेल ठिकानों को छोड़ने का फैसला कुछ कारणों से लिया है जिसे उन्होंने शालीनता बताया। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार अगर ईरान ने Strait of Hormuz में जहाजों का रास्ता रोका तो अमेरिका तेल डिपो को भी अपने कब्जे में ले सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस द्वीप पर नियंत्रण पाने से ईरान की कमाई का मुख्य जरिया पूरी तरह बंद हो जाएगा जिसे ट्रंप ने ईरान का क्राउन ज्वेल कहा है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 13 मार्च 2026 | अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप के 90 सैन्य ठिकानों पर बमबारी की |
| 16 मार्च 2026 | ट्रंप ने तेल डिपो को जब्त करने की संभावना पर चर्चा की |
| 25-26 मार्च 2026 | ईरान ने हमले के डर से द्वीप की सुरक्षा और किलेबंदी बढ़ाई |
| 28 मार्च 2026 | अल जजीरा ने खार्ग द्वीप की स्थिति पर विश्लेषण जारी किया |
ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्र पर पड़ने वाला असर
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उनके ऊर्जा या परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो वे विनाशकारी पलटवार करेंगे। ईरान ने फारस की खाड़ी में समुद्री सुरंगें बिछाने और समुद्री रास्तों को बंद करने की धमकी दी है। सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि खार्ग द्वीप को कब्जे में लेना अमेरिकी सेना के लिए जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि यहाँ तेल पाइपलाइनों का जाल बिछा है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह तनाव चिंता का विषय है क्योंकि इससे तेल की कीमतों और जहाजों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा।
- ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए द्वीप पर अतिरिक्त सेना तैनात की है
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सटीक हमलों की पुष्टि की है
- चीन को होने वाले ईरानी तेल निर्यात में बड़ी बाधा आ सकती है
- सैन्य विशेषज्ञों ने जमीनी स्तर पर द्वीप कब्जे में लेने को खतरनाक बताया है




