यमन के हूतियों ने इज़रायल पर दागीं मिसाइलें, ‘तीसरा मोर्चा’ खोलने का किया ऐलान, इलाके में बढ़ा तनाव
यमन के हूती विद्रोहियों ने इज़रायल के खिलाफ सीधा सैन्य हमला शुरू कर दिया है। 28 मार्च 2026 को हूतियों ने इज़रायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ीं। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने एक बयान में बताया कि अब केवल चेतावनी देने का वक्त खत्म हो चुका है और उन्होंने इज़रायल के खिलाफ यमन से तीसरा मोर्चा खोल दिया है। यह हमला ईरान और इज़रायल के बीच चल रहे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।
🚨: इजरायली सेना ने CNN की टीम पर किया हमला, पत्रकारों को बंधक बनाकर गला दबाया और कैमरा भी तोड़ा।
हूतियों ने हमले के बारे में क्या जानकारी दी है?
हूती मिलिट्री प्रवक्ता Yahya Saree ने टीवी पर जानकारी दी कि यह हमला दक्षिणी इज़रायल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर किया गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक उनके घोषित उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते और प्रतिरोध के सभी मोर्चों पर हमला बंद नहीं होता। हूतियों के नेता Abdul Malik Al-Houthi ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ किसी भी वक्त स्ट्राइक करने के लिए तैयार हैं।
- यह हमला ईरान, लेबनान और इराक के समर्थन में किया गया है
- हूतियों ने चेतावनी दी है कि वे लाल सागर में किसी भी विरोधी गतिविधि का जवाब देंगे
- Yahya Saree के अनुसार, यह ऑपरेशन इज़रायल की बुनियादी ढांचों पर हमलों के जवाब में है
हमले से कितना नुकसान हुआ और इज़रायल की प्रतिक्रिया क्या है?
इज़रायली सेना ने पुष्टि की है कि यमन की तरफ से आई कम से कम एक मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए बीच में ही रोक दिया गया। हमले के दौरान बीरशेबा शहर और इज़रायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास खतरे के सायरन बजने लगे। हालांकि, इस हमले में अभी तक किसी की जान जाने या किसी बड़ी संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| हमले की तारीख | 28 मार्च 2026 |
| हमला करने वाला गुट | यमन के हूती (Ansar Allah) |
| मुख्य निशाना | दक्षिणी इज़रायल के सैन्य ठिकाने |
| प्रवक्ता का नाम | Yahya Saree |
| मिसाइल का प्रकार | बैलिस्टिक मिसाइल |
| नुकसान की रिपोर्ट | कोई हताहत नहीं |
इस हमले का पूरे क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को एक नए और खतरनाक स्तर पर ले गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा है कि इज़रायल को अपने अपराधों की भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिका और इज़रायल के साथ ईरान के बढ़ते तनाव के बीच हूतियों का सीधे तौर पर मिसाइल दागना यह दिखाता है कि युद्ध का दायरा बढ़ रहा है। लाल सागर में बढ़ती सैन्य हलचल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।




