इराक के मोसुल में हमला, 2 पुलिसकर्मियों की मौत, सरकार ने अमेरिका और इजराइल पर लगाया आरोप
इराक के मोसुल शहर में हुए एक ताजा हमले में दो पुलिस अधिकारियों की जान चली गई है। इराक सरकार ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। यह खबर अल जजीरा की रिपोर्ट के जरिए सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए आदेश जारी किए गए हैं।
इराक सरकार ने हमले के बाद क्या फैसला लिया है?
प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी की अगुवाई में हुई सुरक्षा परिषद की बैठक में कड़े निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने कहा है कि सेना और सुरक्षा बलों को किसी भी हमले का जवाब देने की पूरी छूट है। इराक ने स्पष्ट किया है कि युद्ध या शांति का फैसला लेने का हक केवल देश की सरकार को है और किसी भी बाहरी ताकत को इसमें दखल देने नहीं दिया जाएगा। सरकार ने हमले के विरोध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत करने की योजना भी बनाई है।
अमेरिका और इराक के बीच इस मामले पर क्या बातचीत हुई?
अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक के इन आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। अमेरिका का कहना है कि उन्होंने इराकी सुरक्षा बलों को निशाना नहीं बनाया है और यह खबर उनकी साझेदारी के खिलाफ है। अमेरिका ने यह भी कहा कि वे इराक के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ काम करना चाहते हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों में इराक के अलग-अलग ठिकानों पर हुए हमलों से दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है।
| तारीख | घटना का मुख्य विवरण |
|---|---|
| 28 मार्च 2026 | मोसुल में हमला हुआ और 2 पुलिसकर्मियों की मौत हुई |
| 26 मार्च 2026 | अमेरिका ने हमलों के आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया |
| 25 मार्च 2026 | हबानिया बेस पर हमले में 7 सैनिक मारे गए और 13 घायल हुए |
| 24 मार्च 2026 | मोसुल में ही एक अन्य कार्यालय पर हमले की खबर आई थी |




