ईरान में US और इजरायल के बड़े हमले, तेहरान समेत कई शहरों में भारी बमबारी, खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा
ईरान के तेहरान, बोरुजर्द और जंजन जैसे प्रमुख शहरों में शनिवार और रविवार को अमेरिका और इजरायल की तरफ से भारी हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के हताहत होने की खबर है। ईरान की सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसियों के अनुसार, तेहरान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह बहुत तेज धमाके हुए और आसमान में धुएं का गुबार देखा गया। ईरान ने इन हमलों को इजरायली अपराध बताते हुए सख्त जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
🗞️: Baghdad Drone Attack: बगदाद के सेंट्रल इलाके में ड्रोन से हमला, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर।
इन हमलों में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
ईरानी मीडिया और Fars समाचार एजेंसी के मुताबिक, बोरुजर्द शहर के रिहायशी इलाकों में हुए हमले में 7 लोगों की मौत हुई है और 36 अन्य घायल हुए हैं। जंजन शहर में भी 5 लोगों की जान गई है। ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अली जाफ़रियन ने बताया है कि अमेरिका और इजरायल के इन हमलों में अब तक कुल 1,937 लोग मारे जा चुके हैं। मानव अधिकार समूहों की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ईरान के 21 प्रांतों में 700 से ज्यादा हमले हुए हैं, जिनमें से अधिकतर तेहरान को निशाना बनाकर किए गए।
खाड़ी देशों और परमाणु ठिकानों पर क्या प्रभाव पड़ा?
हमलों का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों में भी इसका असर देखा जा रहा है। कुवैत एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को ड्रोन हमले में काफी नुकसान पहुंचा है, वहीं बहरीन में भी खतरे के सायरन बजाए गए हैं। अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- ईरान के खोंडाब और यज्द स्थित परमाणु ठिकानों पर भी हमले हुए, लेकिन वहां किसी रेडियोधर्मी रिसाव की सूचना नहीं है।
- यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल की ओर मिसाइलें दागकर इस संघर्ष में शामिल होने का एलान किया है।
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने इन बम धमाकों की निंदा नहीं की, तो वे मध्य पूर्व में अमेरिकी यूनिवर्सिटी कैंपस को निशाना बनाएंगे।
- प्रवासियों और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए इन इलाकों में यात्रा करना फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है।
क्षेत्र में सुरक्षा के मौजूदा हालात क्या हैं?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि इजरायल को इन हमलों का नतीजा भुगतना होगा। तनाव को देखते हुए बहरीन ने अपने नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों पर रहने की सलाह दी है। ईरान की सेना ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी संस्थानों से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहें। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती इस सैन्य गतिविधि के कारण हवाई यातायात और सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।




