Pakistan Flight News: पाकिस्तान में 28 दिनों में 5वीं बार महंगा हुआ हवाई ईंधन, हवाई किराए आसमान पर पहुंचे
पाकिस्तान सरकार ने एक महीने के भीतर पांचवीं बार हवाई ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। शनिवार, 28 मार्च 2026 को पाकिस्तान स्टेट ऑयल (PSO) ने नई कीमतों का ऐलान किया, जिसके बाद हवाई जहाज का तेल अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कमी को इस महंगाई का मुख्य कारण बताया जा रहा है। सरकार के इस फैसले से आम यात्रियों और एयरलाइंस कंपनियों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
हवाई ईंधन की कीमतों में कब और कितनी हुई वृद्धि?
पाकिस्तान में हवाई ईंधन की कीमतों ने पिछले 28 दिनों में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इस वृद्धि को ऊर्जा सप्लाई बनाए रखने के लिए एक जरूरी फैसला बताया है। कीमतों में हुए बदलाव को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| समय सीमा | कीमतों में बदलाव का विवरण |
|---|---|
| 1 मार्च 2026 | ईंधन की कीमत 188 रुपये प्रति लीटर थी |
| 27 मार्च 2026 | कीमत में 83 रुपये प्रति लीटर की एक और वृद्धि हुई |
| 28 मार्च 2026 | नई कीमत बढ़कर 476.97 रुपये प्रति लीटर हुई |
| कुल वृद्धि | 28 दिनों में लगभग 288 रुपये प्रति लीटर की बढ़त |
डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री इशाक डार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से यह कदम उठाना पड़ा है। प्रधानमंत्री द्वारा गठित कैबिनेट कमेटी भी इस संकट की निगरानी कर रही है।
हवाई यात्रा और टिकटों के दाम पर क्या असर पड़ा?
हवाई ईंधन महंगा होने का सीधा असर अब मुसाफिरों की जेब पर पड़ रहा है। एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशन खर्च को निकालने के लिए किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे प्रवासियों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
- कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे शहरों के लिए एक तरफ का घरेलू किराया 40,000 रुपये तक पहुँच गया है।
- मौके पर टिकट बुक करने यानी चांस सीटों के लिए यात्रियों से 50,000 रुपये से भी ज्यादा वसूले जा रहे हैं।
- खाड़ी देशों (Middle East), टोरंटो और यूरोप जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट अब 3 लाख से 7 लाख रुपये के बीच मिल रहे हैं।
- ईंधन की कमी और सीमित तेल भंडार की वजह से एयरलाइंस को उड़ानें संचालित करने में दिक्कत आ रही है।
- इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में उड़ानों की संख्या कम की जा सकती है।
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी पाकिस्तान सरकार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का दबाव बनाया हुआ है।




