Bahrain और UAE के एल्युमिनियम प्लांट पर ईरान का हमला, कई कर्मचारी हुए घायल
ईरान ने बहरीन की कंपनी Aluminium Bahrain (Alba) और यूएई की Emirates Global Aluminium (EGA) के प्लांट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इन हमलों में दोनों कंपनियों की फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचा है और कई कर्मचारी घायल भी हुए हैं। ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि यह कार्रवाई उनके देश पर हुए हमलों का बदला है। यह घटना 28 मार्च 2026 को हुई थी, जिसकी आधिकारिक पुष्टि अगले दिन की गई।
कंपनियों को कितना नुकसान हुआ और कितने लोग घायल हुए?
Aluminium Bahrain (Alba) ने रविवार, 29 मार्च 2026 को पुष्टि की कि उनके प्लांट को निशाना बनाया गया है। कंपनी के अनुसार, उनके दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। इसी तरह यूएई की Emirates Global Aluminium (EGA) के अल तावीला (Al Taweelah) प्लांट को भी काफी नुकसान हुआ है। EGA के CEO अब्दुलनासिर बिन कल्बान ने इस घटना पर दुख जताया है। कंपनी ने बताया कि उनके कई कर्मचारी घायल हुए हैं, लेकिन किसी की जान को खतरा नहीं है। दोनों कंपनियां अभी अपने नुकसान का आकलन कर रही हैं और सुरक्षा पर ध्यान दे रही हैं।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बचाव कार्य का विवरण
- यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और ड्रोन खतरों को रोकने में सक्रिय है।
- बहरीन डिफेंस फोर्स ने पिछले 24 घंटों में 20 मिसाइलों और 23 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।
- बहरीन सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर यकीन न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें।
- युद्ध शुरू होने के बाद से बहरीन अब तक कुल 174 मिसाइलें और 385 ड्रोन नष्ट कर चुका है।
- ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि वे भविष्य में और भी कड़े प्रहार कर सकते हैं।
आम जनता और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इन औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारी काम करते हैं। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी के आर्थिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। Aluminium Bahrain ने तनाव को देखते हुए पहले ही अपने उत्पादन में 19 प्रतिशत की कटौती कर दी थी। जो लोग इन देशों की यात्रा करने वाले हैं या वहां नौकरी कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय दूतावास और आधिकारिक समाचारों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।




