इराक में हवाई हमले से मचा हड़कंप, 5 सुरक्षाकर्मियों की मौत और कई घायल
इराक में रविवार को मिलिट्री ठिकानों पर हुए हवाई हमलों में कई लोगों की जान चली गई है। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों में कम से कम पांच सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमले किरकुक और मोसुल जैसे इलाकों में हुए हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।
हमलों में हुए नुकसान और मुख्य जानकारी
इराक में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई सैन्य गतिविधियों में काफी नुकसान हुआ है। इन हमलों से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- किरकुक प्रांत में हुए हमले में PMF के 3 लड़ाके मारे गए और 4 अन्य घायल हुए।
- मोसुल में हुए एक अन्य हमले में इराक पुलिस के 2 जवानों की जान चली गई और 5 घायल हुए।
- कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति Nechirvan Barzani के घर को भी ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया।
- PMF ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
- अमेरिका ने कुर्दिस्तान राष्ट्रपति पर हुए हमले की निंदा की और इसके लिए ईरानी मिलिशिया को जिम्मेदार बताया।
तनाव कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
बढ़ते विवाद को देखते हुए अमेरिका और इराक ने देर रात एक विशेष समिति बनाने का ऐलान किया है। इस समिति का नाम ‘High Joint Coordination Committee’ रखा गया है। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना और इराक की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ होने से बचाना है।
| महत्वपूर्ण इकाई | भूमिका/स्थिति |
|---|---|
| Popular Mobilisation Forces (PMF) | मुख्य रूप से हमलों का निशाना बनी |
| Iraqi Police | मोसुल हमले में 2 जवान शहीद |
| United States | सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का वादा किया |
| Emmanuel Macron | इराक को युद्ध से दूर रखने की अपील की |
फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी बयान जारी कर कहा है कि इराक को इस क्षेत्रीय तनाव में घसीटने से बचाना बहुत जरूरी है। फिलहाल इराकी सरकार ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है और अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है।




