ईरान का अमेरिका और इज़राइल पर बड़ा आरोप, कहा- युद्ध फैलाने की रची जा रही है साज़िश
ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने अमेरिका और इज़राइल पर युद्ध को और फैलाने की साज़िश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये देश मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ाकर दूसरे देशों को भी इस जंग में घसीटना चाहते हैं। विदेश मंत्री ने दुनिया भर के देशों से इन हमलों की निंदा करने की अपील की है ताकि अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा की जा सके। यह बयान 29 मार्च 2026 को ग्रीस के विदेश मंत्री के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान सामने आया।
ईरान ने दुनिया के देशों के लिए क्या चेतावनी दी?
ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक किसी भी देश को अपनी ज़मीन या संसाधनों का इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमले के लिए नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने कुछ मुख्य बिंदुओं पर ज़ोर दिया है:
- अमेरिका और इज़राइल के हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 4 का सीधा उल्लंघन हैं।
- इन अवैध हमलों पर दुनिया की चुप्पी अंतरराष्ट्रीय नैतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगी।
- ईरान अपनी रक्षा के लिए हमलावरों के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
- Strait of Hormuz में सुरक्षा की कमी के लिए अमेरिका और इज़राइल की नीतियां ज़िम्मेदार हैं।
मौजूदा हालात और आगे की संभावित कार्रवाई क्या है?
तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar से भी फोन पर चर्चा की है। रिपोर्ट के अनुसार Yemen के Houthis भी इज़राइल पर हमले तेज़ कर रहे हैं। वहीं ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने एक कड़ी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी यूनिवर्सिटीज़ पर हुई बमबारी की निंदा नहीं की, तो 30 मार्च 2026 तक वह क्षेत्र में इज़राइल या अमेरिका से जुड़े शिक्षा संस्थानों को निशाना बना सकते हैं।
ईरान ने यह भी साफ किया है कि उसने समुद्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नियम लागू किए हैं, लेकिन वह दुश्मन देशों के जहाजों को वहां से गुज़रने नहीं देगा। इस क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।




