Strait of Hormuz: ईरान ने समुद्री रास्ते पर किया पूरी तरह कब्जे का दावा, भारत सहित ‘दोस्त’ देशों को ही मिलेगी एंट्री
ईरान ने 29 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उसने Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) और ओमान की खाड़ी के समुद्री रास्तों पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया है। ईरानी नौसेना के कमांडर Rear Admiral Shahram Irani ने बताया कि उनके मिसाइल ऑपरेशनों की वजह से अमेरिकी युद्धपोतों को ईरानी सीमा से सैकड़ों मील दूर हटना पड़ा है। इस सैन्य गतिविधि की वजह से इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग से होने वाले जहाजों के आवागमन में 95 प्रतिशत तक की कमी आई है, जिससे वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
किन देशों के जहाजों को मिली है गुजरने की अनुमति?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया है कि यह समुद्री रास्ता केवल उनके दुश्मन देशों और उनकी मदद करने वालों के लिए बंद किया गया है। ईरान ने कुछ देशों को ‘दोस्त’ की श्रेणी में रखकर उनके जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया है।
- भारत और चीन: ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत, चीन और रूस के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई है।
- पाकिस्तान के साथ डील: पाकिस्तान के साथ हुए एक समझौते के तहत उनके 20 जहाजों को हर रोज यहां से गुजरने की इजाजत दी गई है।
- अन्य देश: इराक और मलेशिया के जहाजों को भी ईरान ने सुरक्षित रास्ता देने की बात कही है।
- टैक्स वसूली: रिपोर्ट के अनुसार, गुजरने वाले कुछ जहाजों से ‘टोल’ वसूला जा रहा है, जिसका भुगतान कुछ मामलों में चीनी युआन में लिया जा रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और बुनियादी ढांचे पर क्या असर पड़ा?
पिछले 24 घंटों में इस इलाके में सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी बंदरगाह पर किए गए हमले के जवाब में ईरान ने पलटवार किया है, जिससे खाड़ी देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
| प्रमुख क्षेत्र | ताजा घटनाक्रम और प्रभाव |
|---|---|
| UAE और Bahrain | ईरान ने इन देशों में मौजूद एल्युमीनियम उत्पादन केंद्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। |
| जहाजों की स्थिति | सैकड़ों तेल टैंकर फिलहाल समुद्र में फंसे हुए हैं क्योंकि समुद्री बीमा की लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। |
| बुनियादी ढांचा | ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह परमाणु संयंत्र और पानी के प्लांटों को निशाना बना सकता है। |
| अमेरिकी सैन्य बल | ईरान ने दावा किया है कि USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप उनकी मिसाइल रेंज से बाहर चला गया है। |
ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि कोई जमीनी हमला करने की कोशिश की गई, तो उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस पूरे विवाद के बीच ब्रिटिश रॉयल नेवी का कहना है कि ईरान द्वारा रास्ता बंद करना कानूनी रूप से सही नहीं है, लेकिन फिलहाल वहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है।




