UAE सरकार का बड़ा बयान, ईरान के हमलों पर मांगा हर्जाना और दोबारा हमला न करने की गारंटी
UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने 29 मार्च 2026 को एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि खाड़ी देशों पर हुए ईरानी हमलों के बाद किसी भी राजनीतिक समाधान में ईरान को हर्जाना देना होगा। गरगाश के अनुसार, ईरान को उन नुकसानों की भरपाई करनी चाहिए जो उसने महत्वपूर्ण सुविधाओं और नागरिकों को पहुंचाए हैं। इस समाधान में यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसे हमले दोबारा न हों।
UAE ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
अनवर गरगाश ने साफ किया है कि शांति और समाधान के लिए केवल बातचीत काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्ध से पहले अपने पड़ोसियों को धोखे में रखा और अब उसकी आक्रामकता खुलकर सामने आ गई है। UAE चाहता है कि किसी भी समझौते में गैर-आक्रामकता के सिद्धांत को माना जाए। इसके अलावा, ईरान को उन हमलों की जिम्मेदारी लेनी होगी जो उसने हाल के दिनों में किए हैं और भविष्य में हमला न करने की स्पष्ट लिखित गारंटी भी देनी होगी।
UAE और खाड़ी देशों पर हुए हमलों के ताजा आंकड़े
UAE रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से लगातार बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे जा रहे हैं। 29 मार्च को ही 16 बैलिस्टिक मिसाइल और 42 ड्रोन को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। अब तक के कुल हमलों का डेटा इस प्रकार है:
| हमले का प्रकार | कुल संख्या |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 414 |
| क्रूज मिसाइल | 15 |
| ड्रोन (UAVs) | 1,914 |
इन हमलों का असर केवल UAE तक सीमित नहीं है, बल्कि बहरीन की Aluminium Bahrain (Alba) कंपनी की सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। ओमान के सलालाह पोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में एक कर्मचारी के घायल होने की खबर है। इस बीच पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में बैठकर इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।




