US vs Iran: पेंटागन ने ईरान में जमीनी कार्रवाई की तैयारी की, खरग द्वीप और तटीय इलाकों पर रेड मारने का है प्लान
अमेरिकी रक्षा विभाग यानी Pentagon ईरान में सीमित जमीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इसमें खरग द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास के तटीय ठिकानों पर छापेमारी की जा सकती है। यह जानकारी 29 मार्च 2026 को सामने आई है। हालांकि, राष्ट्रपति Donald Trump ने अभी तक सेना भेजने का आखिरी फैसला नहीं लिया है, लेकिन पेंटागन ने हमले की पूरी योजना तैयार कर ली है ताकि राष्ट्रपति को हर तरह के विकल्प दिए जा सकें।
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पेंटागन की इस सैन्य योजना में क्या-क्या शामिल है?
अमेरिकी सैन्य योजनाकारों ने पिछले कुछ हफ्तों से इन विकल्पों को तैयार किया है। इस ऑपरेशन का मकसद पूरे देश पर हमला करना नहीं, बल्कि कुछ खास ठिकानों को निशाना बनाना है। इसमें Special Operations Forces और पैदल सेना की मदद ली जा सकती है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि राष्ट्रपति के पास कई विकल्प मौजूद हैं।
- खरग द्वीप (Kharg Island): यह ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है और इसे मुख्य लक्ष्य माना जा रहा है।
- सैनिकों की तैनाती: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में हजारों सैनिक तैनात किए हैं, जिसमें USS Tripoli युद्धपोत पर मौजूद 3,500 जवान शामिल हैं।
- लक्ष्य: उन हथियारों और ठिकानों को नष्ट करना जो जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा बने हुए हैं।
- समय सीमा: अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान कुछ हफ्तों तक चल सकता है।
- नुकसान: रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक महीने में संघर्ष के दौरान 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा घायल हुए हैं।
ईरान का क्या है रुख और शांति की कोशिशें
ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी जमीनी हमले का जोरदार जवाब दिया जाएगा। ईरान की सरकार ने अपनी सेना और सुरक्षा इकाइयों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। वहीं दूसरी ओर, तनाव कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी शुरू हो गए हैं।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| संभावित कार्रवाई | सीमित जमीनी हमला और रेड |
| महत्वपूर्ण क्षेत्र | खरग द्वीप और होर्मुज तट |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
| वार्ता में शामिल देश | सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र |
| हालिया घटना | अमेरिकी-इजरायली हमले में 5 लोगों की मौत |
पाकिस्तान इस संकट को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। रविवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय बातचीत में सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति को रोकना है। फिलहाल पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है।




