Saudi Arabia और Pakistan की बड़ी पहल: क्षेत्रीय शांति के लिए चार देशों की बैठक शुरू, जानिए क्या हुआ फैसला
इस्लामाबाद में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र (Egypt) और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। 29 मार्च 2026 को शुरू हुई यह चर्चा दो दिनों तक चलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करना और शांति के नए रास्ते तलाशना है। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है ताकि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का रास्ता खुल सके और क्षेत्र को बड़े संकट से बचाया जा सके।
बैठक में किन महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई?
इस बैठक के दौरान कई अहम क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस Faisal bin Farhan Al Saud, मिस्र और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग मुलाकातें भी कीं। बातचीत के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों पर जोर दिया गया।
- क्षेत्र में चल रहे युद्ध को रोकने और व्यापक तबाही से बचने के उपायों पर चर्चा हुई।
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सभी हमलों और शत्रुता को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।
- ईरान ने एक सकारात्मक कदम उठाते हुए 20 अतिरिक्त पाकिस्तानी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है।
शांति प्रक्रिया को लेकर क्या है आगे की योजना?
पाकिस्तान की सरकार ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों के आदान-प्रदान और अप्रत्यक्ष बातचीत को सुविधाजनक बना रही है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका की 15-सूत्रीय योजना पर अपना जवाब भी दे दिया है। नीचे दी गई टेबल में बैठक में शामिल मुख्य देशों के प्रतिनिधियों की जानकारी दी गई है:
| देश | प्रतिनिधि |
|---|---|
| पाकिस्तान | Ishaq Dar (विदेश मंत्री) |
| सऊदी अरब | Prince Faisal bin Farhan (विदेश मंत्री) |
| मिस्र | Badr Abdelatty (विदेश मंत्री) |
| तुर्की | Hakan Fidan (विदेश मंत्री) |
इस बैठक का समापन 30 मार्च 2026 को होगा। सभी देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि केवल संवाद और कूटनीति ही स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है। पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री इस बैठक के लिए रविवार दोपहर को इस्लामाबाद पहुंचे थे।




