European Council का ईरान को कड़ा संदेश, खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोकने का दिया आदेश
यूरोपीय काउंसिल ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए जा रहे हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। काउंसिल ने मांग की है कि इन हमलों को बिना किसी देरी के तुरंत रोका जाए। मार्च 2026 के दौरान यूरोपीय संघ ने बार-बार ईरान की सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की है और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है। यूरोपीय नेताओं ने साफ किया है कि दूसरे देशों की सीमाओं और उनकी सुरक्षा का सम्मान करना बहुत जरूरी है।
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यूरोपीय काउंसिल ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी है?
यूरोपीय काउंसिल ने अपने आधिकारिक बयानों में ईरान के हमलों को अनुचित बताया है। परिषद ने मांग की है कि ईरान और उसके समर्थन वाले सभी गुट इन हमलों को बंद करें। यूरोप ने खास तौर पर उन हमलों की आलोचना की है जो ऊर्जा और पानी की सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर किए गए हैं। काउंसिल के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। साथ ही, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए यूरोपीय देशों ने अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है।
इस मुद्दे पर किन संस्थाओं ने विरोध जताया है?
इस पूरे मामले में दुनिया की कई बड़ी संस्थाओं और देशों ने अपनी राय रखी है। नीचे दी गई टेबल में मुख्य घटनाक्रमों की जानकारी दी गई है:
| संस्था या प्रतिनिधि | प्रमुख कार्रवाई और बयान |
|---|---|
| European Council | मार्च 2026 में हमलों की निंदा की और तत्काल युद्धविराम की मांग की |
| UN Security Council | प्रस्ताव 2817 पारित कर GCC देशों की संप्रभुता का समर्थन किया |
| GCC देश | सऊदी, कतर, यूएई और अन्य ने आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर दिया |
| UN Human Rights Council | ईरानी हमलों के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया |
यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा है कि वे खाड़ी देशों को अपनी रक्षा के लिए खुफिया जानकारी और तकनीकी मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सऊदी अरब ने इस वैश्विक समर्थन का स्वागत किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी इन हमलों का गहरा असर पड़ता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय जल्द से जल्द तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है।




