कतर पर ईरान का ड्रोन हमला, सेना ने अल-उदैद एयरबेस की तरफ आ रहे ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया
कतर के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि 28 मार्च 2026 को देश पर कई ड्रोन के जरिए हमला करने की कोशिश की गई थी। इन ड्रोन्स को ईरान की तरफ से लॉन्च किया गया था जिसे कतरी सशस्त्र बलों ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। कतर की सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी आने वाले खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर तनाव काफी बढ़ा हुआ है।
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क्या था हमला और किसे बनाया गया था मुख्य निशाना?
कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस हमले में मुख्य रूप से अल-उदैद एयर बेस (Al-Udeid Air Base) को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। कतर अमीरी वायु सेना और नौसेना ने मिलकर इस हमले का सामना किया और किसी भी ड्रोन को अपने लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया। इस घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:
- हमले की तारीख 28 मार्च 2026 शनिवार को दर्ज की गई है।
- ईरान की तरफ से कई ड्रोन कतर की सीमा में घुसने के लिए भेजे गए थे।
- कतरी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सभी ड्रोन्स को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया।
- हमले में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव और कतर का अंतरराष्ट्रीय रुख
कतर ने इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) और सुरक्षा परिषद (UNSC) को सूचित किया है। कतर सरकार ने साफ किया है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का अधिकार रखता है। कतर के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपील की है कि नागरिक बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले इन हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
क्षेत्र के अन्य देशों में क्या हैं ताजा हालात?
कतर के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन ने भी इस दौरान इसी तरह के ड्रोन और मिसाइल खतरों की रिपोर्ट दी है। 29 मार्च को भी क्षेत्र में कई जगहों पर अलर्ट जारी किया गया था। मौजूदा स्थिति को देखते हुए बहरीन ने अपनी समुद्री सीमा में आवाजाही पर पाबंदियां लागू की हैं। वहीं दूसरी तरफ इस्लामाबाद में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच तनाव कम करने के लिए अहम बैठकें भी हुई हैं।




