इजरायल ने ईरान के तेहरान पर किया बड़ा हवाई हमला, 150 लड़ाकू विमानों ने सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
इजरायल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब भीषण युद्ध का रूप ले चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान में 150 से अधिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और ईरान के हथियार बनाने वाले केंद्रों को निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है और पड़ोसी देश भी हाई अलर्ट पर हैं।
इजरायल ने किन सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना?
इजरायली सेना (IDF) ने आधिकारिक जानकारी दी है कि रविवार 29 मार्च को उनके विमानों ने तेहरान के उन ठिकानों पर हमला किया जो बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
- तेहरान में रक्षा मंत्रालय के मुख्य केंद्रों को निशाना बनाया गया जहाँ मिसाइल के पुर्जे बनते हैं।
- अराक (Arak) में भारी पानी के प्लांट और यज्द (Yazd) में येलोकेक प्रोडक्शन यूनिट पर हमला हुआ।
- बुशहर (Bushehr) के परमाणु प्लांट के पास भी मिसाइल हमले की खबरें मिली हैं।
- इस्फहान और अर्दकान जैसे इलाकों में भी सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया गया है।
इजरायल का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की हमला करने की क्षमता को कम करना है ताकि भविष्य के खतरों से बचा जा सके।
ईरान का पलटवार और पड़ोसी देशों पर प्रभाव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले के जवाब में दक्षिणी इजरायल के औद्योगिक परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। इस युद्ध का असर अब कुवैत और सऊदी अरब की सीमाओं तक पहुँच गया है।
| देश | प्रभाव और ताजा स्थिति |
|---|---|
| ईरान | अमेरिकी और इजरायली सेना को जमीनी हमले के खिलाफ चेतावनी दी। |
| कुवैत | 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन अपनी सीमा में मार गिराए। |
| सऊदी अरब | पिछले 24 घंटों में 10 संदिग्ध ड्रोन (UAVs) को हवा में नष्ट किया। |
| लेबनान | इजरायली हमले में तीन पत्रकारों की जान गई और हिजबुल्लाह सक्रिय हुआ। |
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह के अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे और किसी भी जमीनी सेना का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह समय सावधानी बरतने का है क्योंकि हवाई यात्रा और सुरक्षा नियमों में बदलाव हो सकते हैं।




