अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ी खबर, डोनाल्ड ट्रंप बोले- तेहरान 15 सूत्रीय शर्तों के बड़े हिस्से पर हुआ राजी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार देर रात घोषणा की है कि ईरान उनके 15 सूत्रीय अल्टीमेटम के ज्यादातर बिंदुओं पर सहमत होने के संकेत दे रहा है। यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच जारी गंभीर संघर्ष को खत्म करने के लिए तैयार किया गया था। Kuwait News Agency (KUNA) ने इस खबर की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बनी हुई थी और परमाणु ठिकानों पर हमले का खतरा मंडरा रहा था।
अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव में क्या मांगें रखी गई हैं?
अमेरिका ने ईरान के सामने अपनी शर्तों की एक लंबी सूची रखी है जिसे अल्टीमेटम कहा जा रहा है। इन शर्तों में परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई कड़ी मांगें शामिल हैं। अगर ईरान इन्हें मानता है, तो उसे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत दी जाएगी। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- ईरान को अपनी परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना होगा
- यूरेनियम संवर्धन बंद करना और संवर्धित यूरेनियम को सरेंडर करना होगा
- IAEA के निरीक्षकों को सभी साइटों तक बिना रोक-टोक पहुंच देनी होगी
- ईरान को अपने मिसाइल प्रोग्राम को सीमित करने की शर्त माननी होगी
- विदेशी क्षेत्रों में सक्रिय प्रॉक्सी समूहों का साथ छोड़ना होगा
पाकिस्तान की मध्यस्थता और आगे की स्थिति क्या है?
इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ बनकर सामने आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों ने उनके देश पर भरोसा जताया है और पाकिस्तान जल्द ही दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत की मेजबानी करेगा। ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर शर्तें नहीं मानी गई तो ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जाएगा। हालांकि अब बातचीत में प्रगति को देखते हुए उन्होंने 6 अप्रैल 2026 तक हमलों पर रोक लगा दी है। इसके अलावा ईरान ने Strait of Hormuz से तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति देकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।




