GCC-रूस और जॉर्डन के बीच सोमवार को होगी खास बैठक, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर होगी चर्चा
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जस़ेम अल-बुदैवी (Jasem Al-Budaiwi) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सोमवार, 30 मार्च 2026 को GCC, रूस और जॉर्डन के बीच एक संयुक्त मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी जिसमें क्षेत्र के ताजा हालात और आपसी सहयोग पर बातचीत होने की उम्मीद है। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है।
बैठक में कौन-कौन शामिल होगा और क्या है मुख्य एजेंडा?
इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में GCC देशों के प्रतिनिधि, रूस के अधिकारी और जॉर्डन के मंत्री शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। हाल ही में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी कहा था कि रूस खाड़ी देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। बैठक में क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा ताकि शांति बनी रहे।
हालिया घटनाक्रम और इस बैठक का महत्व क्या है?
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल काफी तेज है। पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण मुलाकातें और फैसले हुए हैं जो इस बैठक की नींव बने हैं:
- 24 मार्च 2026: मास्को में GCC राजदूतों और रूस के उप विदेश मंत्रियों के बीच क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तृत बातचीत हुई थी।
- 26 मार्च 2026: GCC ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के उस प्रस्ताव का स्वागत किया था जो ईरान के हालिया सैन्य कदमों से संबंधित था।
- सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव: बैठक में UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को लागू करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है, जो क्षेत्रीय हमलों और सुरक्षा से जुड़ा है।
- रूस का रुख: विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी एकता और बातचीत को मिडिल ईस्ट के हितों के लिए जरूरी बताया है।
यह बैठक आपसी बातचीत और एकता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी क्षेत्रीय स्थिरता की खबर अच्छी है, क्योंकि इससे व्यापार और यात्रा की स्थिति सामान्य रहती है।




