Kuwait पर हुए हमलों की Qatar ने की कड़ी निंदा, हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत
कतर ने कुवैत के सैन्य शिविर और बिजली घरों पर हुए ईरानी हमलों का कड़ा विरोध किया है। 30 मार्च 2026 को हुए इन हमलों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि यह कुवैत की आजादी और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कतर ने कुवैत का पूरा साथ देने का वादा किया है।
हमले में क्या नुकसान हुआ और कौन हुआ इसका शिकार?
कुवैत के बिजली मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जौहर हयात ने जानकारी दी है कि एक पावर स्टेशन और पानी साफ करने वाले प्लांट के पास बनी इमारत पर हमला हुआ। इस दुखद घटना में वहां काम कर रहे एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। हमले में कुवैत के कई सैनिक भी घायल हुए हैं और मशीनों को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव की टीमों को मौके पर तैनात कर दिया गया था।
खाड़ी देशों का साझा बयान और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कतर जैसे पड़ोसी देशों ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया है। इस बयान में ईरान की ओर से किए गए इन हमलों को गलत बताया गया है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून के खिलाफ माना गया है।
- इन देशों ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 का उल्लंघन माना है।
- कुवैत के अमीर शेख मशाल अल-अहमद अल-सबा ने कहा है कि कुवैत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार रखता है।
- कतर ने कहा है कि वह कुवैत की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए हर तरह का समर्थन देगा।
- खाड़ी के देशों ने ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले और धमकियां तुरंत रोकने की मांग की है।
इन हमलों के बाद कुवैत में रहने वाले प्रवासियों, विशेष रूप से भारतीयों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। कुवैत सरकार ने सभी को भरोसा दिलाया है कि देश की सुरक्षा और शांति के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।




