Oil Price Today: कच्चा तेल 116 डॉलर के पार, ईरान और अमेरिका के बीच जमीनी जंग की आशंका से बाज़ार में मचा हड़कंप
दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ी तेजी देखी जा रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से ज्यादा महंगा होकर 116 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। ईरान की ओर से अमेरिका को दी गई जमीनी हमले की चेतावनी के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ने की संभावना है।
खाड़ी देशों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ा है?
ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस टकराव ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। कुवैत में एक पावर स्टेशन पर हुए हमले के कारण नुकसान हुआ है और वहां काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई है। क्षेत्रीय देशों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| देश/संस्था | प्रभाव और ताजा घटनाक्रम |
|---|---|
| Kuwait | पावर स्टेशन और पानी के प्लांट को नुकसान, एक भारतीय की मौत |
| Saudi Arabia | मिसाइलों और ड्रोनों को बीच रास्ते में ही रोका गया |
| Jordan | ईरानी मिसाइल और दो ड्रोनों ने सीमा को निशाना बनाया |
| UAE | मिसाइल खतरों के खिलाफ एयर डिफेंस ने जवाबी कार्रवाई की |
| Yemen | हूतियों ने इजरायल पर मिसाइलें दागकर हमला किया |
| UNIFIL | दक्षिणी लेबनान में एक संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक की मौत |
अमेरिका और ईरान की सैन्य तैयारी और आधिकारिक बयान
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी जमीनी हमले के लिए तैयार हैं। ईरान ने घोषणा की है कि अगर उनके विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी हमला करेंगे। अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए USS Tripoli को तैनात किया है, जिसमें 3,500 नौसैनिक सवार हैं। 82nd Airborne Division के और सैनिकों के आने की भी उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वे नई ईरानी लीडरशिप के साथ समझौता करने के पक्ष में हैं, लेकिन सैन्य विकल्प भी खुले रखे गए हैं। इस बीच पाकिस्तान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।




