Israel-Lebanon War: इज़राइल के हमले में लेबनान में भारी तबाही, 17 लोगों की मौत और UN शांति सैनिक की जान गई
इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 30 मार्च 2026 को इज़राइली सेना ने दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में भीषण हवाई हमले किए। इन हमलों में आम नागरिकों के साथ-साथ राहत बचाव कार्य में लगे लोगों को भी नुकसान पहुंचा है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक शांति सैनिक की भी मौत हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
हमले में हुए नुकसान और मुख्य अपडेट
- लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि Kfartebnit और Deir al-Zahrani जैसे इलाकों में हुए हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए हैं।
- 2 मार्च 2026 से शुरू हुई इस ताज़ा हिंसा में अब तक लेबनान में कुल 1,189 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
- UNIFIL ने बताया कि दक्षिण लेबनान में तैनात इंडोनेशिया का एक शांति सैनिक मारा गया है और एक अन्य गंभीर रूप से घायल है।
- इज़राइली सेना (IDF) ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए हैं।
- संघर्ष के दौरान इज़राइल के 5 सैनिक मारे गए हैं और 30 से ज़्यादा घायल हुए हैं।
इज़राइल और लेबनान सरकार का आधिकारिक रुख
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने दक्षिण लेबनान में सुरक्षा घेरा यानी Buffer Zone को और विस्तार देने का आदेश दिया है। इज़राइल का मुख्य उद्देश्य Litani River तक के इलाके को हिज़्बुल्लाह के हथियारों से मुक्त कराना है। इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर हथियार ले जा रहे हिज़्बुल्लाह के गुर्गों को निशाना बनाया है।
वहीं दूसरी तरफ, लेबनान सरकार ने कहा है कि वह दक्षिण लेबनान को हथियारों से मुक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता पर काम कर रही है, लेकिन इसमें अभी कुछ महीनों का समय और लगेगा। हिज़्बुल्लाह ने साफ कर दिया है कि जब तक इज़राइल हमले बंद नहीं करता, वे हथियार नहीं डालेंगे और जवाबी रॉकेट हमले जारी रखेंगे। ईरान ने भी इस बीच अपने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक कमांडर के मारे जाने की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।




