सऊदी, कतर और UAE के साथ यूक्रेन ने किया 10 साल का रक्षा समझौता, ड्रोन गिराने में करेंगे मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पिछले हफ्ते खाड़ी देशों का दौरा किया और सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ अहम रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत यूक्रेन इन देशों को ड्रोन गिराने की अपनी खास तकनीक और जानकारी देगा। बदले में यूक्रेन को इन देशों से आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलें मिलने की उम्मीद है। यह साझेदारी अगले 10 सालों के लिए की गई है ताकि सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम किया जा सके।
ℹ️: इज़राइल की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर ईरान ने फिर किया हमला, हैफा में मची अफरा-तफरी।
इन रक्षा समझौतों में क्या-क्या शामिल है?
यूक्रेन के पास रूस के साथ चल रहे युद्ध के कारण ड्रोन को मार गिराने का बहुत अच्छा अनुभव है। जेलेंस्की ने बताया कि वे सऊदी और कतर जैसे देशों को ईरानी डिजाइन वाले शाहेद ड्रोन को रोकने में मदद करेंगे। यूक्रेन ने अपने 200 से ज्यादा सैन्य और सुरक्षा एक्सपर्ट्स को पहले ही खाड़ी देशों में तैनात कर दिया है। ये एक्सपर्ट्स रडार, सेंसर और अर्ली वार्निंग सिस्टम के जरिए ड्रोन हमलों को नाकाम करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
दोनों पक्षों को इस डील से क्या फायदा होगा?
यह समझौता सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें निवेश और हथियारों का उत्पादन भी शामिल है। यूक्रेन और खाड़ी देश मिलकर नई तकनीक पर काम करेंगे। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- हथियारों का उत्पादन: दोनों देश मिलकर हथियारों की फैक्ट्रियां और प्रोडक्शन लाइनें लगाएंगे।
- तकनीकी मदद: मिसाइल और मानवरहित एयर सिस्टम को रोकने के लिए तकनीकी जानकारी शेयर की जाएगी।
- ईंधन की सप्लाई: यूक्रेन को एक साल के लिए डीजल की सप्लाई सुनिश्चित करने का समझौता भी हुआ है।
- निवेश: रक्षा क्षेत्र में कंपनियां मिलकर काम करेंगी और जॉइंट इन्वेस्टमेंट किया जाएगा।
- एक्सपर्ट्स की तैनाती: यूक्रेन के विशेषज्ञ फिलहाल सऊदी, कतर और यूएई में एयर डिफेंस को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।
कतर और सऊदी अरब के साथ समझौतों पर दस्तखत हो चुके हैं, जबकि यूएई के साथ अगले कुछ दिनों में डील फाइनल होने की संभावना है। जेलेंस्की ने इन दौरों के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस और कतर के अमीर के साथ लंबी चर्चा की है।




