कुवैत के बिजली और पानी प्लांट पर ईरान का हमला, अरब लीग ने की कड़ी निंदा, 1 भारतीय की मौत
कुवैत में बिजली और पानी के अहम ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों के बाद अरब लीग ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। 29 मार्च 2026 की देर रात हुए इस हमले में कुवैत के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। इस दुखद घटना में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है और सैन्य कैंप पर हुए हमले में 10 कुवैती सैनिक घायल हुए हैं। अरब लीग ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
हमले में कितना नुकसान हुआ और सेवाओं पर क्या असर पड़ा?
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा जौहर हयात ने पुष्टि की है कि एक पावर स्टेशन और पानी के प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है। तकनीकी टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आपातकालीन योजनाएं लागू कीं। राहत की बात यह है कि कुवैत में बिजली और पानी की सप्लाई रुकी नहीं है और सभी जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।
- कुवैत ने हमले के दौरान चार ड्रोन्स को बीच में ही मार गिराया है।
- बिजली और पानी का नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित और चालू है।
- इमरजेंसी बैकअप सिस्टम की मदद से सेवाओं को बहाल रखा गया है।
- भारतीय दूतावास मृत भारतीय नागरिक के परिवार की मदद के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ संपर्क में है।
अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या रही प्रतिक्रिया?
अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेइत ने इस हमले को अनुचित और अरब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने कहा कि कुवैत की धरती पर इस तरह का हमला उसकी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भी इस बारे में पत्र लिखा है और अपने आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया है। संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे पड़ोसी देशों ने भी कुवैत के साथ खड़े होने की बात कही है।
| संबंधित पक्ष | मुख्य प्रतिक्रिया |
|---|---|
| अरब लीग | हमले को जघन्य और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया |
| कुवैत सरकार | अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए UN को पत्र भेजा |
| भारतीय दूतावास | मृतक के परिवार को सहायता और संवेदना व्यक्त की |
| यूएई और कतर | कुवैत के साथ एकजुटता दिखाई और हमले की निंदा की |




