स्पेन का बड़ा फैसला, अमेरिका को एयरस्पेस और मिलिट्री बेस देने से किया मना, ईरान युद्ध में नहीं देगा साथ
स्पेन की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र (airspace) और सैन्य अड्डों को अमेरिकी विमानों के लिए बंद कर दिया है। यह फैसला उन अमेरिकी विमानों पर लागू होगा जो ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में शामिल हैं। स्पेन की रक्षा मंत्री Margarita Robles ने साफ किया है कि उनका देश किसी भी ऐसे युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हो। सरकार के इस फैसले ने नाटो (NATO) और यूरोपीय संघ के बीच गहराते मतभेदों को भी दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
स्पेन ने अमेरिका के लिए क्यों बंद किए अपने रास्ते?
- रक्षा मंत्री Margarita Robles ने 30 मार्च 2026 को स्पष्ट किया कि स्पेन के एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान युद्ध से जुड़ी किसी भी कार्रवाई के लिए नहीं होगा।
- स्पेन सरकार इस युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ और पूरी तरह से गलत मानती है।
- प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई को खतरनाक और गैर-कानूनी बताया है।
- स्पेन का कहना है कि वे किसी भी ऐसी एकतरफा सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होंगे जो संयुक्त राष्ट्र के नियमों के खिलाफ हो।
- विदेशी मंत्री Jose Manuel Albares ने पहले ही ‘युद्ध को ना’ कहने की नीति पर जोर दिया था।
इस फैसले का क्षेत्र और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। इज़राइल ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल के साथ-साथ Kuwait और Saudi Arabia पर भी हमले की जानकारी दी है। इस स्थिति में स्पेन का यह फैसला अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पेन को व्यापारिक पाबंदियों की धमकी दी है। मिडिल ईस्ट में चल रही इस लड़ाई का सीधा असर वहां काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों की सुरक्षा और यात्रा पर पड़ सकता है।




