ईरान के बुशेहर परमाणु प्लांट पर हमला, इज़राइल और अमेरिका पर आरोप, प्लांट अभी भी सुरक्षित
ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हाल के दिनों में कई हमले हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ और बेहद खतरनाक हैं। हालांकि ईरान ने यह भी साफ किया है कि हमलों के बावजूद परमाणु संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और इसका संचालन सामान्य रूप से जारी है।
बुशेहर परमाणु प्लांट में अभी क्या हालात हैं?
ईरानी अधिकारियों के अनुसार बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। 30 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी पुष्टि की है कि वहां किसी भी तरह के विकिरण (Radiation) के रिसाव की कोई सूचना नहीं मिली है। सुरक्षा को देखते हुए रूस की सरकारी कंपनी Rosatom ने अपने 163 कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि लगभग 300 कर्मचारी अभी भी वहां मौजूद हैं और संयंत्र का काम देख रहे हैं।
हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और घटनाक्रम
पिछले 10 दिनों के भीतर संयंत्र के पास तीन अलग-अलग हमले दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| तारीख | घटना का विवरण |
|---|---|
| 17 मार्च 2026 | रिएक्टर से 350 मीटर दूर एक ढांचा नष्ट हो गया। |
| 24-25 मार्च 2026 | संयंत्र परिसर के भीतर एक प्रक्षेप्य गिरा। |
| 27 मार्च 2026 | संयंत्र के पास एक और प्रक्षेप्य गिरने की सूचना मिली। |
रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इन्हें परमाणु सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। ईरान ने आईएईए की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एजेंसी राजनीतिकरण का शिकार हो गई है और हमलों को रोकने में विफल रही है। आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने सभी पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी बड़े परमाणु हादसे से बचा जा सके।




