US-Iran News: अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त बातचीत शुरू, पाकिस्तान कराएगा सीधी मुलाकात, 6 अप्रैल की डेडलाइन तय
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच कूटनीतिक रास्ते खुलते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे बातचीत जारी है। राष्ट्रपति Donald Trump अभी भी सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और जल्द ही दोनों देशों की सीधी बैठक करा सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की वर्तमान स्थिति क्या है?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के अनुसार, ईरान के भीतर कुछ प्रमुख व्यक्तियों और अमेरिकी अधिकारियों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। राष्ट्रपति Trump ने भी पाकिस्तानी दूतों के माध्यम से इन चर्चाओं की पुष्टि की है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा है कि उन्हें संदेश तो मिल रहे हैं, लेकिन वे अमेरिकी प्रस्तावों को तर्कहीन मानते हैं। ईरान ने अभी तक किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है और अमेरिका की शर्तों को मानने से मना कर दिया है।
शांति समझौते के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?
अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय शांति योजना भेजी है जिसमें यूरेनियम संवर्धन रोकने और बैलिस्टिक मिसाइलों पर लगाम लगाने जैसी शर्तें शामिल हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने पुष्टि की है कि वे आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत की मेजबानी करेंगे। इस समझौते की मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:
| विषय | विवरण |
| अमेरिका का प्रस्ताव | एक महीने का युद्धविराम और यूरेनियम सौंपना |
| ईरान की मांग | हमले रुकें और नुकसान की भरपाई की जाए |
| Strait of Hormuz | पूर्ण व्यापार के लिए इसे फिर से खोलने की योजना |
| डेडलाइन | 6 अप्रैल तक समझौता न होने पर ऊर्जा केंद्रों पर हमले की चेतावनी |
इस तनाव के कम होने का आम आदमी और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
अगर यह बातचीत सफल होती है और 6 अप्रैल की डेडलाइन से पहले कोई समझौता हो जाता है, तो तेल की कीमतों में स्थिरता आएगी। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह बहुत जरूरी है क्योंकि युद्ध की स्थिति में उड़ानों और रोजगार पर बुरा असर पड़ता है। फिलहाल Strait of Hormuz से केवल 20 पाकिस्तानी जहाजों को निकलने की अनुमति मिली है, लेकिन पूर्ण समझौता होने पर पूरे क्षेत्र में समुद्री व्यापार फिर से सामान्य हो सकेगा और तनाव में कमी आएगी।




