सऊदी अरब ने UN में ईरान के हमलों को बताया बड़ा खतरा, दुनिया भर के देशों से एकजुट होने की अपील
सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान की तरफ से किए जा रहे हमलों को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। UN में सऊदी अरब के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलअजीज अल-वासल ने बताया कि किंगडम लगातार अंतरराष्ट्रीय साथियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि ईरान के हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं बल्कि ये पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए भी एक बड़ा खतरा हैं।
📰: सऊदी क्राउन प्रिंस, जॉर्डन के राजा और कतर के अमीर की जेद्दा में बड़ी बैठक, सुरक्षा पर हुई चर्चा।
ईरान के हमलों में अब तक क्या नुकसान हुआ?
हाल के दिनों में ईरान ने सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया है। इन हमलों की वजह से काफी नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
| तारीख | हमले की जगह | हुआ नुकसान |
|---|---|---|
| 30 मार्च 2026 | प्रिंस सुल्तान एयर बेस | 15 अमेरिकी सैनिक घायल, राडार विमान तबाह |
| 28 मार्च 2026 | प्रिंस सुल्तान एयर बेस | 12 अमेरिकी सैनिक घायल, विमानों को नुकसान |
| 27 मार्च 2026 | रिफ्यूलिंग विमान क्षेत्र | Boeing E-3 और KC-135 विमानों को नुकसान |
इस मुद्दे पर सऊदी अरब और पड़ोसी देशों का क्या रुख है?
सऊदी अरब की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि वे UN की बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। सऊदी अरब का लक्ष्य ईरान को उसके कदमों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर जवाबदेह बनाना है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच निम्नलिखित घटनाक्रम हुए हैं:
- जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला II और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी जेद्दा पहुंचे।
- इन नेताओं ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की।
- सऊदी अरब के साथ-साथ यूएई, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने भी ईरान के इन हमलों की निंदा की है।
- राजदूत अब्दुलअजीज अल-वासल ने कहा कि सबूतों के आधार पर ईरान की गतिविधियों को दुनिया के सामने लाना जरूरी है।
- सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि नेविगेशन में बाधा डालने और संप्रभुता का उल्लंघन करने से ईरान की वैश्विक अलगाव बढ़ेगी।




