Iran vs US News: ईरान ने ट्रंप के दावों को नकारा, कहा अमेरिका से नहीं हुई कोई सीधी बातचीत
ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि उनके देश ने फिलहाल संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सोमवार को जानकारी दी कि अमेरिका की ओर से बातचीत की इच्छा के संदेश केवल कुछ बिचौलियों के जरिए ही ईरान तक पहुंचे हैं। यह बयान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उन दावों के बाद आया है जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत में सकारात्मक प्रगति की बात कही थी।
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ईरानी प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने क्या जानकारी दी?
प्रवक्ता ने प्रेस टीवी से बात करते हुए कहा कि अमेरिका के प्रस्ताव पूरी तरह से अतार्किक और जरूरत से ज्यादा हैं। उन्होंने अमेरिका की कूटनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वाशिंगटन का रुख लगातार बदलता रहता है, जबकि ईरान अपनी बात पर कायम है। प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि ईरान फिलहाल अपनी सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है क्योंकि वह बाहरी खतरों का सामना कर रहा है। उनकी बातों के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- ईरान ने अभी तक अमेरिका से किसी भी तरह की सीधी चर्चा नहीं की है।
- इस्लामाबाद में हुई चार देशों की क्षेत्रीय बैठक में ईरान ने हिस्सा नहीं लिया था।
- प्रवक्ता ने अमेरिका के बातचीत के दावों को दुनिया और खुद अमेरिका में अविश्वसनीय बताया।
- ईरान का कहना है कि वह भविष्य में होने वाले किसी भी हमले को रोकने के लिए तैयार है।
Donald Trump के दावे और मौजूदा तनाव की स्थिति
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि पाकिस्तान के माध्यम से ईरान के साथ बातचीत चल रही है और ईरान उनकी 15 मांगों में से ज्यादातर को मानने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिका पर दोहरा खेल खेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका बातचीत का संदेश भेजता है और दूसरी तरफ हमले की योजना बनाता है। इस तनावपूर्ण स्थिति को नीचे दी गई जानकारी से समझा जा सकता है:
| संबंधित पक्ष | प्रमुख जानकारी |
|---|---|
| Donald Trump | कहा कि ईरान के नेता समझदार हैं और जल्द ही कोई डील हो सकती है। |
| ईरान (Press TV) | ट्रंप के बातचीत के दावों को सोशल मीडिया पर पूरी तरह खारिज किया। | पाकिस्तान को दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। |
| सैन्य स्थिति | अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में हजारों सैनिकों की तैनाती की है। |
ईरानी अधिकारियों का मानना है कि क्षेत्र में चल रहे संघर्ष से केवल अमीर देशों और कुछ खास लोगों को ही फायदा हो रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं और स्थिति स्पष्ट नहीं होती, किसी भी सीधी बातचीत का सवाल ही नहीं उठता।




