लेबनान में दो और संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों की मौत, 24 घंटे के अंदर इंडोनेशिया के 3 जवानों ने गंवाई जान
दक्षिणी लेबनान में चल रहे संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के दो और शांति रक्षकों की मौत हो गई है। यह घटना 30 मार्च 2026 को हुई जब बनी हैयान (Bani Haiyyan) के पास एक विस्फोट में उनका वाहन नष्ट हो गया। इससे पहले 29 मार्च को भी एक अन्य जवान की मौत हुई थी। मारे गए ये तीनों ही जवान इंडोनेशिया के मूल निवासी थे और वहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए गए थे।
शांति रक्षकों की सुरक्षा और आधिकारिक रिपोर्ट
UNIFIL ने इन घटनाओं की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है ताकि धमाके और प्रोजेक्टाइल के असली स्रोत का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि शांति रक्षकों पर जानबूझकर किया गया हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन है। शांति सेना ने सभी पक्षों से अपनी जिम्मेदारी निभाने और संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
घटना से जुड़े मुख्य तथ्य और आंकड़े
लेबनान में बढ़ते तनाव के कारण स्थिति लगातार खराब हो रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इन घटनाओं की निंदा की है और सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। पिछले 24 घंटों में हुए नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:
| तारीख | घटना का विवरण | प्रभावित जवान/कर्मी |
|---|---|---|
| 29 मार्च 2026 | अदचित अल कुसैर (Adchit Al Qusayr) में विस्फोट | 1 इंडोनेशियाई जवान की मौत |
| 30 मार्च 2026 | बनी हैयान में वाहन विस्फोट | 2 इंडोनेशियाई जवानों की मौत |
| मार्च 2026 तक | लेबनान में मारे गए स्वास्थ्य कर्मी | 51 कर्मियों की जान गई |
UNIFIL का मिशन और वर्तमान चुनौती
UNIFIL को दक्षिणी लेबनान में शांति बनाए रखने और लेबनानी सशस्त्र बलों की सहायता के लिए तैनात किया गया है। इनका मुख्य काम ब्लू लाइन (Blue Line) और लिटानी नदी के बीच के क्षेत्र को अवैध हथियारों और सशस्त्र गुटों से मुक्त रखने में मदद करना है। संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि शांति के लिए काम करने वाले जवानों की जान जाना बेहद दुखद है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते टकराव ने शांति मिशन के काम को काफी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।




