Israel Iran War Update: इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बड़ा बयान, कहा- ईरान के खिलाफ युद्ध ने आधे लक्ष्य किए पूरे
इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध ने अपने आधे से ज्यादा लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। Netanyahu के मुताबिक, यह आधे रास्ते का मतलब मिशन की सफलता से है, न कि किसी तय समय सीमा से। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध समाप्त होने के बाद ईरान की मौजूदा शासन व्यवस्था अंदरूनी तौर पर पूरी तरह ढह जाएगी।
युद्ध की मौजूदा स्थिति और मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
यह सैन्य अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसे ‘Operation Epic Fury’ का नाम दिया गया है। इसमें अमेरिका और इस्राइल एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों को खत्म करना है। इस्राइली सेना ने पिछले 24 घंटों में तेहरान में ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे पर 170 से अधिक हमले किए हैं। इस बीच ईरान में पिछले 30 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है, जिससे वहां की स्थिति की सटीक जानकारी बाहर आने में मुश्किल हो रही है।
खाड़ी देशों पर युद्ध का क्या प्रभाव पड़ रहा है?
इस युद्ध का असर अब पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है। 30 मार्च 2026 को UAE की वायु सेना ने ईरान की ओर से दागी गई 11 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। युद्ध में अब तक हुए नुकसान के कुछ आंकड़े इस प्रकार हैं:
| प्रभावित क्षेत्र | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| इस्राइल | 19 नागरिकों की मौत और 6,000 से ज्यादा लोग घायल हुए |
| ईरान | 281 छात्र और शिक्षक मारे गए, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर की मौत |
| लेबनान | 1,238 लोगों की मौत और 2 UN शांति सैनिकों की जान गई |
| खाड़ी क्षेत्र | ईरान ने कुवैत और सऊदी अरब की तरफ भी हमले किए हैं |
शांति प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की क्या स्थिति है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि एक समझौता जल्द ही हो सकता है, हालांकि उन्होंने ईरानी तेल कुओं और बिजली घरों पर हमला करने की धमकी भी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वे परमाणु हथियार नहीं चाहते, लेकिन वे अब अंतरराष्ट्रीय संधियों की समीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, Human Rights Watch ने सभी पक्षों से युद्ध के नियमों का पालन करने की अपील की है। लेबनान में सक्रिय Hezbollah अभी भी इस्राइल के खिलाफ मोर्चे पर डटा हुआ है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में तनाव बना हुआ है।




