Iraq US Base Attacks: इराकी सशस्त्र समूह ने अमेरिकी ठिकानों पर किए 5 हमले, ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी
इराक में तैनात अमेरिकी सेना के ठिकानों पर एक बार फिर बड़े हमले हुए हैं। 30 मार्च 2026 को एक इराकी सशस्त्र समूह ने दावा किया कि उसने अमेरिकी बेस पर पांच हमले किए हैं। इन हमलों में रॉकेट और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है जिससे बगदाद एयरपोर्ट के पास काफी हलचल रही। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और अमेरिका ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है।
हमलों में किस तरह के हथियारों का इस्तेमाल हुआ और क्या नुकसान हुआ?
बगदाद में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों में मुख्य रूप से ड्रोन और रॉकेटों का उपयोग किया गया। बगदाद एयरपोर्ट परिसर में स्थित सैन्य अड्डे पर 122mm ग्राड रॉकेटों से हमला हुआ जिसमें इराकी वायुसेना का एक विमान नष्ट हो गया। अधिकारियों के अनुसार इस हमले में फिलहाल किसी की जान जाने की खबर नहीं है। हमले के मुख्य बिंदुओं की जानकारी नीचे दी गई है।
- विक्टोरिया बेस पर ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया।
- बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी लॉजिस्टिक हब पर रॉकेट गिरे।
- इराकी वायुसेना का एंटोनोव-132 विमान हमले में पूरी तरह जल गया।
- प्रोपेलर और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी प्रो-ईरान सशस्त्र समूहों से जुड़ी बताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और क्षेत्रीय देशों की क्या प्रतिक्रिया रही?
इन हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो वह ईरान के तेल संसाधनों और ऊर्जा सिस्टम को निशाना बना सकते हैं। उन्होंने खार्ग द्वीप जैसे निर्यात केंद्रों पर कब्जे की बात भी कही है। इसके साथ ही कई अरब देशों ने भी इस स्थिति पर अपनी चिंता जाहिर की है।
| पक्ष | मुख्य प्रतिक्रिया |
|---|---|
| अमेरिका | ईरान के ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी। |
| ईरान (IRGC) | अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी। |
| 6 अरब देश | इराक की जमीन से होने वाले हमलों की सामूहिक निंदा की। |
| इराक सरकार | कहा कि उनकी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसियों पर हमले के लिए नहीं होगा। |




