Saudi Arabia News: ईरान ने सऊदी अरब से कहा ‘अमेरिकी सेना को बाहर निकालें’, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सऊदी अरब को एक सीधा संदेश भेजकर अमेरिकी सेना को अपने देश से बाहर निकालने की बात कही है। 30 मार्च 2026 को जारी इस बयान में ईरान ने कहा कि वह सऊदी को एक भाई की तरह मानता है, लेकिन क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। यह बयान तब आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और कई खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले की खबरें मिली हैं। क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अब खाड़ी देशों में चिंता बढ़ गई है जिसका असर वहां रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।
ईरान का सऊदी अरब को संदेश और हमले के दावे
ईरान के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर सऊदी अरब से कहा कि अब अमेरिकी सेना को बाहर निकालने का समय आ गया है। ईरान ने दावा किया कि प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर एक अमेरिकी निगरानी विमान को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में नष्ट कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि उनकी सैन्य कार्रवाई केवल उन बाहरी ताकतों के खिलाफ है जो मिडिल ईस्ट में अशांति फैला रहे हैं। इसके साथ ही ईरान के संसद अध्यक्ष और अन्य बड़े नेताओं ने भी खाड़ी देशों से विदेशी सेना को हटाने की मांग का समर्थन किया है।
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों की बड़ी बैठक
इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, जॉर्डन के राजा और कतर के अमीर ने जेद्दा में एक अहम बैठक की है। इन नेताओं ने ईरान की तरफ से होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया है। खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित कदम उठाए और प्रतिक्रिया दी है:
- सऊदी अरब: ईरानी दूतावास के स्टाफ को देश छोड़ने का आदेश दिया और ईरान के दूत को तलब किया।
- कुवैत: कुवैती सेना ने ईरान की तरफ से आए 13 ड्रोन मार गिराने का दावा किया, हालांकि एक हमले में बिजली और पानी के प्लांट को नुकसान पहुंचा है।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): यूएई की एयर डिफेंस ने ईरान से दागी गई 11 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।
- भारत और प्रवासियों पर असर: खाड़ी में बढ़ते तनाव के कारण उड़ानों और सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा पहरा लगाया जा सकता है, जिससे भारतीयों की यात्रा प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका की चेतावनी और ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मामले पर कहा कि वह ईरान के नए शासन के साथ बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी भी दी है। ट्रंप ने मांग की है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोले, वरना उसके तेल कुओं और बिजली ग्रिड को निशाना बनाया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है और अमेरिकी मांगों को अनुचित बताया है। ईरान ने अपने एक टॉप कमांडर Alireza Tangsiri की मौत की पुष्टि भी की है जो हालिया हमलों में मारे गए थे।




