Strait of Hormuz से निकले COSCO के दो बड़े जहाज़, ईरान ने लगाया नया टैक्स और कड़ा नियम
समुद्री रास्ते से माल भेजने वाली कंपनी COSCO के दो बड़े कंटेनर जहाजों ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर लिया है। शिप ट्रैकिंग डेटा और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये जहाज़ खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल गए हैं। चीन की कंपनी के इन जहाजों ने 31 मार्च 2026 को यह रास्ता पार किया, जिससे वैश्विक व्यापार में थोड़ी राहत देखी जा रही है।
ईरान ने जहाजों के लिए क्या नए नियम और फीस लागू की है?
ईरान की संसद ने अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर आधिकारिक तौर पर ट्रांजिट फीस लगा दी है। पहले यह सिस्टम अस्थाई था, लेकिन अब इसे कानूनी रूप दे दिया गया है।
- परमिशन सिस्टम: हर जहाज़ को ट्रांजिट के लिए पहले से इजाजत लेनी होगी और अपनी पूरी जानकारी ईरानी अधिकारियों को देनी होगी।
- डेटा शेयरिंग: जहाजों को अपने क्रू के नाम, मालिक की जानकारी और सामान का पूरा ब्यौरा ईरानी आईआरजीसी को देना अनिवार्य है।
- भारी भरकम फीस: रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बार के सफर के लिए जहाजों से भारी फीस वसूली जा सकती है, जो लाखों डॉलर में हो सकती है।
- सुरक्षा कोड: इजाजत मिलने के बाद जहाज़ को एक विशेष रूट कोड और ईरानी सुरक्षा घेरा दिया जाता है।
इन जहाजों के सफर से जुड़ी मुख्य बातें और घटनाएं
चीन की कंपनी COSCO के इन जहाजों का सफर आसान नहीं रहा। 27 मार्च को पहली कोशिश के दौरान इन्हें रास्ता नहीं मिल पाया था और वापस मुड़ना पड़ा था, हालांकि चीन को ईरान ने एक मित्र देश बताया है।
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 25 मार्च 2026 | COSCO ने मिडिल ईस्ट के लिए दोबारा बुकिंग शुरू की |
| 27 मार्च 2026 | CSCL Indian Ocean और CSCL Arctic Ocean को रास्ते से वापस लौटना पड़ा |
| 30 मार्च 2026 | ईरानी संसद ने ट्रांजिट फीस का नया कानून पास किया |
| 31 मार्च 2026 | दोनों जहाजों ने सफलतापूर्वक Strait of Hormuz पार किया |
ईरान के अधिकारियों ने साफ़ कर दिया है कि वह उन जहाजों को रास्ता नहीं देगा जो उसके दुश्मन माने जाने वाले देशों के बंदरगाहों पर सामान ले जा रहे हैं। चीन, भारत और रूस जैसे देशों के जहाजों को कुछ रियायतें देने की बात कही गई है, लेकिन उन्हें भी ईरान के नए ट्रांजिट सिस्टम और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।




