US CENTCOM ने ईरान की सैन्य शक्ति पर किया बड़ा हमला, कहा- बाहरी सीमाओं पर उसकी ताकत को खत्म करना जारी रहेगा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि उनकी सेना ईरान की उस क्षमता को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश कर रही है, जिसके जरिए वह दूसरे देशों में अपनी ताकत दिखाता है। सेना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें ईरान के समुद्री और हवाई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले होते दिख रहे हैं। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की हमलावर ताकतों को कमजोर करना है ताकि वे अपनी सीमाओं के बाहर कोई खतरा पैदा न कर सकें।
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अमेरिकी सैन्य अभियान के अब तक के नतीजे क्या रहे?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल Brad Cooper ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान में अब तक ईरान के 92 प्रतिशत बड़े नौसैनिक जहाज नष्ट किए जा चुके हैं। सेना ने करीब 10,000 ठिकानों पर हमला किया है, जिससे ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली 90 प्रतिशत क्षमता कम हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य शक्ति काफी हद तक टूट चुकी है। एडमिरल ने यह भी कहा कि ईरान का नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना उसकी कमजोरी की निशानी है।
राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस का आगे का क्या प्लान है?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा है कि राष्ट्रपति Donald Trump के पास इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कई रास्ते खुले हैं। अमेरिकी सरकार ने इस रणनीति को लेकर कुछ अहम बातें साझा की हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| समय सीमा | सैन्य अभियान को 4 से 6 हफ्तों में खत्म करने की योजना है। |
| जमीनी सेना | राष्ट्रपति ने ईरान में जमीनी सेना भेजने के विकल्प को अभी बंद नहीं किया है। |
| वार्ता | व्हाइट हाउस का दावा है कि पर्दे के पीछे ईरान के साथ बातचीत भी जारी है। |
| इजरायल की भूमिका | इजरायली सेना ने भी ईरान के कई ठिकानों पर ताजा हमले किए हैं। |
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी बयान दिया है कि ईरान के रक्षा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में वे अपने लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। दूसरी तरफ ईरान ने इन दावों को खारिज किया है और अपनी सैन्य क्षमता के मजबूत होने की बात कही है।




