अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर किया भीषण हवाई हमला, तेहरान और इस्फ़हान में हुए बड़े धमाके, युद्ध का 32वां दिन
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष अब अपने 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 31 मार्च 2026 की सुबह ईरान के कई शहरों, जिनमें तेहरान और इस्फ़हान शामिल हैं, में जबरदस्त धमाके सुने गए। अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में मिसाइलें और ड्रोन रोकने का दावा किया है।
ईरान में कहां-कहां हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस्फ़हान शहर में अमेरिकी सेना ने भारी मात्रा में 2,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया है। यहाँ मुख्य रूप से सैन्य संपत्तियों और गोला-बारूद के गोदामों को निशाना बनाया गया है। वहीं, राजधानी तेहरान में इमाम हुसैन यूनिवर्सिटी पर इजरायल ने हमला किया है। इजरायल का दावा है कि इस जगह का इस्तेमाल IRGC द्वारा आधुनिक हथियारों के शोध के लिए किया जा रहा था। इन हमलों के चलते तेहरान के कई हिस्सों में बिजली सप्लाई बंद होने की खबरें भी मिली हैं।
- इस्फ़हान: यहाँ सैन्य ठिकानों पर बड़े धमाके हुए हैं।
- तेहरान: बिजली गुल हुई और यूनिवर्सिटी परिसर को निशाना बनाया गया।
- मिसाइल डिफेंस: इजरायल ने दावा किया है कि ईरान से उसकी ओर दागी गई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया गया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या हो रहा है असर?
इस जंग का असर अब पड़ोसी देशों और समुद्री रास्तों पर भी दिखने लगा है। दुबई पोर्ट के पास एक कुवैती तेल टैंकर ‘अल सालमी’ पर ड्रोन हमला हुआ है, हालांकि राहत की बात यह है कि जहाज के सभी 24 कर्मचारी सुरक्षित हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब ने भी अपने इलाकों में आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा और आने-जाने वाले रास्तों को लेकर स्थिति पर नज़र रखना ज़रूरी है।
| देश/क्षेत्र | ताज़ा स्थिति |
|---|---|
| UAE | 11 मिसाइलें और 27 ड्रोन मार गिराए गए |
| Saudi Arabia | 10 ड्रोनों को हवा में नष्ट किया गया |
| Lebanon | इजरायली सैनिक और UN शांतिदूतों की मौत की खबर |
| Turkey | नाटो ने ईरानी मिसाइल को हवा में रोका |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के नेतृत्व के साथ बातचीत में प्रगति हो रही है, लेकिन ईरानी संसद के स्पीकर ने इन दावों को गलत बताया है। फिलहाल ईरान अपने परमाणु समझौते से हटने पर विचार कर रहा है और तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।




