ईरान के कश्म द्वीप पर बड़ा हमला, पानी साफ करने वाला प्लांट हुआ पूरी तरह बंद, 30 गांवों में जल संकट
ईरान के कश्म द्वीप (Qeshm Island) में मौजूद पानी साफ करने वाले एक बड़े प्लांट पर हमला हुआ है, जिसके बाद इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 31 मार्च 2026 को पुष्टि की कि प्लांट को काफी नुकसान पहुँचा है और इसकी मरम्मत अभी मुमकिन नहीं है। इस हमले के कारण लगभग 30 गाँवों में पीने के पानी की सप्लाई रुक गई है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट पैदा हो गया है।
हमले को लेकर किसने क्या कहा और क्या है मौजूदा स्थिति?
ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि दोनों देशों ने इन दावों को खारिज किया है। घटना से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इसे एक गंभीर अपराध बताया है जिसने आम लोगों की पानी की सुविधा छीन ली।
- ईरानी संसद के अध्यक्ष ने दावा किया कि इस हमले में पड़ोसी देश के एक मिलिट्री बेस का इस्तेमाल किया गया है।
- रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि कश्म प्लांट समेत कुल पाँच जगहों पर पानी की सुविधाओं को निशाना बनाया गया है।
- ईरान ने इसी बीच कश्म द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी लूकस (Lucas) ड्रोन को मार गिराने की बात भी कही है।
- तेहरान के कुछ हिस्सों में धमाकों के बाद बिजली कटने की भी खबरें सामने आई हैं।
क्षेत्रीय तनाव और पड़ोसी देशों की इस पर क्या है राय?
इस घटना के बाद खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अलग-अलग देशों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है:
| देश/संस्था | प्रतिक्रिया और स्थिति |
|---|---|
| सऊदी अरब और कतर | सऊदी अरब, जॉर्डन और कतर ने एक सम्मेलन में इन हमलों को क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बताया। |
| संयुक्त अरब अमीरात | UAE ने उन इजरायली दावों को पूरी तरह नकारा है जिनमें हमले में शामिल होने की बात कही गई थी। |
| अमेरिका (व्हाइट हाउस) | व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप 6 अप्रैल तक समझौता करने की कोशिश में हैं। |
| बहरीन | बहरीन ने पहले बताया था कि उनके वाटर प्लांट पर ईरानी ड्रोन से हमला हुआ था, पर सप्लाई जारी रही। |
पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या 6 अप्रैल की समय सीमा से पहले ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता हो पाएगा या नहीं। इस बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने और संतुलन बनाए रखने की बात कही है। इस तनाव का असर आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है।




