Iran US Conflict: तेहरान और इस्फहान में भारी बमबारी, ट्रंप ने जारी किया वीडियो, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान शहर में मंगलवार सुबह बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन हमलों का वीडियो साझा किया है और बताया है कि अब तक हजारों ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। इन हमलों में हथियारों के गोदामों और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है।
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इन हमलों में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
इजरायली और अमेरिकी सेना की कार्रवाई में ईरान के डिफेंस सिस्टम को बड़ा झटका लगा है। खबरों के मुताबिक हमलों में ईरान के 80 प्रतिशत से ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी से अब तक करीब 13,000 ठिकानों पर बमबारी की जा चुकी है। हमलों की ताज़ा स्थिति इस प्रकार है:
| विवरण | ताज़ा जानकारी |
|---|---|
| हमले की मुख्य तारीख | 31 मार्च 2026 |
| निशाना बने शहर | Tehran, Isfahan, Zanjan, Markazi |
| जनहानि | 11 लोगों की मौत, 15 घायल |
| परमाणु केंद्र | Khondab हैवी वाटर प्लांट पूरी तरह ठप |
| वायु रक्षा प्रणाली | 80 प्रतिशत से अधिक नष्ट |
खाड़ी देशों और व्यापार पर क्या असर पड़ा है?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस तनाव का असर अब समुद्र में व्यापार करने वाले जहाजों पर भी दिखने लगा है। दुबई के तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे उसमें आग लग गई। हालांकि इसमें तेल का रिसाव नहीं हुआ लेकिन इससे खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों और कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए बंद करने और अन्य जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी कर ली है।
- सऊदी अरब में अमेरिकी सेना के ठिकाने आमिर सुल्तान एयर बेस पर भी ड्रोन हमले की खबर है।
- ईरान ने फिलहाल किसी भी तरह के समझौते या युद्धविराम से इनकार किया है।
- इजरायल का दावा है कि उसने पिछले दो दिनों में 40 औद्योगिक रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया है।
- तेहरान के कुछ हिस्सों में हमलों के बाद बिजली की सप्लाई बंद हो गई है।
- कुवैती टैंकर पर हुए हमले के बाद समुद्री रास्ते से होने वाले व्यापार पर खतरा बढ़ गया है।




