China Pakistan Statement: चीन और पाकिस्तान की बड़ी अपील, रिहाइशी इलाकों और आम लोगों पर हमले तुरंत रोकने की मांग
चीन और पाकिस्तान ने एक साझा बयान जारी कर दुनिया भर के संघर्षों में आम नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। बीजिंग में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। इस बयान में शांति वार्ता शुरू करने और तनाव कम करने पर जोर दिया गया है। खाड़ी क्षेत्र और ईरान के हालातों को देखते हुए यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चीन और पाकिस्तान के साझा बयान की मुख्य बातें
- बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री Wang Yi और पाकिस्तानी विदेश मंत्री Ishaq Dar के बीच 31 मार्च 2026 को मुलाकात हुई।
- दोनों देशों ने मांग की है कि सभी पक्ष आम नागरिकों पर हमले बंद करें और जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करें।
- Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने और सामान्य नेविगेशन बहाल करने पर जोर दिया गया।
- चीन ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों को अपना पूरा समर्थन दिया है।
- मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की कोशिशों की सराहना की गई है।
- दोनों देशों ने ईरान से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
इस अपील का क्या होगा असर?
इस साझा बयान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ रहे सैन्य तनाव को कम करना है। चीन और पाकिस्तान ने उन सभी सैन्य ऑपरेशनों को रोकने की बात कही है जो आम जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के दिनों में हुई हवाई स्ट्राइक के बाद संयम बरतने की सलाह दी गई है। चीन ने साफ किया है कि वह किसी भी देश में रिहाइशी इलाकों पर होने वाले हमलों के खिलाफ है।
यह अपील उन देशों के लिए एक बड़ा संकेत है जो युद्ध में नागरिक इलाकों को निशाना बना रहे हैं। व्यापारिक नजरिए से देखें तो Strait of Hormuz में शांति बहाल होने से खाड़ी देशों से होने वाले तेल के व्यापार को सुरक्षा मिलेगी। इससे भारत जैसे देशों को भी फायदा होगा जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इन रास्तों पर निर्भर हैं। चीन और पाकिस्तान का यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।




