UAE पर ईरान का बड़ा हमला, एयर डिफेंस ने मार गिराईं मिसाइलें और ड्रोन, सरकार ने जारी किया अलर्ट
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 31 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से एक बार फिर मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए हमला किया गया। यूएई की रक्षा प्रणालियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डिफेंस सिस्टम ने 8 बैलिस्टिक मिसाइलों, 4 क्रूज मिसाइलों और 36 ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया। प्रशासन ने देश की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
हमले और अब तक हुई कार्रवाई के आंकड़े
यूएई की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence Systems) ने इस बार बड़े खतरे को टाल दिया है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों के बाद से यूएई की सेना लगातार अलर्ट पर है। अब तक की कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| हथियार का प्रकार | 31 मार्च को रोके गए | अब तक कुल संख्या |
|---|---|---|
| Ballistic Missiles | 8 | 433 |
| Cruise Missiles | 4 | 19 |
| Drones | 36 | 1977 |
इन लगातार हो रहे हमलों की वजह से अब तक कुल 11 लोगों की जान गई है और 188 लोग घायल हुए हैं। जान गंवाने वालों में यूएई सशस्त्र बलों के दो जवान, सेना के साथ काम करने वाला एक मोरक्को का ठेकेदार और विभिन्न देशों के आठ नागरिक शामिल हैं।
आम जनता और प्रवासियों के लिए सुरक्षा निर्देश
दुबई के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई थी। राहत की बात यह है कि आग पर काबू पा लिया गया और कोई तेल रिसाव नहीं हुआ। दक्षिण दुबई के एक रिहायशी इलाके में मिसाइल के टुकड़े गिरने से चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। National Emergency Crisis and Disaster Management Authority ने लोगों के लिए कुछ जरूरी बातें कही हैं:
- सभी नागरिक और प्रवासी सुरक्षित स्थानों पर रहें और बाहर निकलने से बचें।
- चेतावनी और अपडेट के लिए केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों का ही पालन करें।
- किसी भी संदिग्ध वस्तु को देखने पर तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें।
- ईरान ने वहां रह रहे 1,200 यूएई नागरिकों के रेजिडेंसी परमिट रद्द कर दिए हैं और उन्हें एक हफ्ते में देश छोड़ने को कहा है।
- सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों में भी इसी तरह की घटनाओं की खबरें आई हैं, इसलिए यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश भी सुरक्षा के मामले में यूएई को समर्थन दे रहे हैं।




