China Pakistan Joint Statement: चीन और पाकिस्तान ने युद्ध रोकने की उठाई मांग, खाड़ी देशों में शांति के लिए की अपील
31 मार्च 2026 को बीजिंग में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Muhammad Ishaq Dar और चीन के विदेश मंत्री Wang Yi के बीच एक अहम मुलाकात हुई। इस बैठक के बाद दोनों देशों ने एक साझा बयान जारी किया है जिसमें मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को तुरंत रोकने और शांति वार्ता शुरू करने की अपील की गई है। दोनों देशों का मानना है कि बातचीत और कूटनीति ही विवादों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है।
🗞️: चीन और पाकिस्तान की बड़ी पहल, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए जारी किया साझा बयान।
शांति वार्ता और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर क्या हुई चर्चा?
चीन और पाकिस्तान के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत ही किसी भी समस्या का समाधान है। बैठक में कुछ मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनी है:
- आम नागरिकों की सुरक्षा को हर हाल में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित रखना वैश्विक व्यापार के लिए जरूरी है।
- United Nations Charter के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
- क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को आगे आना होगा।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इस फैसले का क्या होगा असर?
खाड़ी क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का सीधा असर वहां रहने वाले और काम करने वाले लाखों प्रवासियों पर पड़ता है। अगर चीन और पाकिस्तान की यह पहल सफल होती है और युद्ध रुकता है, तो इससे समुद्री रास्ते सुरक्षित होंगे और महंगाई पर भी लगाम लगेगी। पाकिस्तान इस मामले में चीन को United States और Iran के बीच एक गारंटर के रूप में भी शामिल करने की कोशिश कर रहा है। चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने भी पाकिस्तान के इन प्रयासों की सराहना की है और क्षेत्र में स्थिरता के लिए सहयोग का वादा किया है।




