इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर तेज किए हमले, 24 घंटे में हुई भारी बमबारी और दुबई के पास तेल टैंकर में लगी आग
इजरायल और अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध अब एक गंभीर चरण में पहुंच गया है जिसे ‘Operation Epic Fury’ नाम दिया गया है। 31 मार्च 2026 को इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने जानकारी दी कि सेना ने अपने मिशन का आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। पिछले 24 घंटों में 230 से अधिक हवाई हमले किए गए हैं जिसमें तेहरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस युद्ध का असर अब खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी दिखने लगा है जिससे समुद्री यातायात पर खतरा बढ़ गया है।
युद्ध की वर्तमान स्थिति और मुख्य सैन्य अपडेट
इजरायली सेना ने तेहरान में हथियारों के उत्पादन केंद्रों पर भारी बमबारी की है। इस सैन्य कार्रवाई में पहली बार अमेरिका ने अपने B-52 Stratofortress बमवर्षक विमानों का उपयोग किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि युद्ध का सबसे कठिन हिस्सा पूरा हो गया है और अब तक कुल 13,000 ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। अमेरिकी सेना के जनरल Caine ने साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता और ड्रोन नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
खाड़ी देशों में हुई घटनाएं और युद्ध का असर
इस युद्ध की वजह से खाड़ी के अन्य देशों में भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में हुई कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
| क्षेत्र/देश | प्रमुख घटना |
|---|---|
| दुबई (UAE) | दुबई पोर्ट के पास एक कुवैती तेल टैंकर में आग लगी |
| सऊदी अरब | अल-खर्ज में ड्रोन गिरने से दो लोग घायल हुए और नुकसान हुआ |
| लेबनान | युद्ध के दौरान 4 इजरायली सैनिक और 3 UN शांतिदूत मारे गए |
| इटली | अमेरिकी हथियार ले जाने वाले विमानों को बेस इस्तेमाल करने से रोका |
| चीन-पाकिस्तान | युद्ध रोकने के लिए 5 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव दिया |
कूटनीतिक हलचल और शांति की कोशिशें
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर नहीं लेकिन क्षेत्रीय दोस्तों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। अमेरिकी पेंटागन के प्रमुख Pete Hegseth ने उम्मीद जताई है कि युद्ध खत्म करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है और आने वाले दिन निर्णायक होंगे। हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर उनके और नेताओं को निशाना बनाया गया तो वे बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर हमला करेंगे। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में 54 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।




