कुवैत में बड़ा अलर्ट: ईरानी हमलों के बाद कैबिनेट की बैठक जारी, एक भारतीय कामगार की मौत और कई घायल
कुवैत में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Abdullah Al-Ahmad Al-Sabah की अध्यक्षता में कैबिनेट की लगातार बैठकें चल रही हैं ताकि देश की सुरक्षा की निगरानी की जा सके। हाल ही में हुए हमलों में कुवैत के जरूरी बुनियादी ढांचे और एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सरकार ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का फैसला लिया है।
कुवैत में हुए नुकसान और सुरक्षा की ताजा स्थिति
कुवैत के नागरिक और औद्योगिक ठिकानों पर हुए हमलों से काफी नुकसान की खबर है। सुरक्षा बलों ने अब तक कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। सरकार ने आम लोगों की सुरक्षा के लिए तैयारी तेज कर दी है।
- एक बिजली और पानी के प्लांट पर हुए हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई।
- दुबई के पास कुवैती तेल टैंकर Al-Salmi पर सीधा हमला हुआ जिससे जहाज के पिछले हिस्से में आग लग गई।
- मुबारक अल-कबीर और शुवाइख बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।
- पिछले 24 घंटों में कुवैती वायु सेना ने 5 बैलिस्टिक मिसाइलें और 7 दुश्मन ड्रोन नष्ट किए हैं।
- देश में सुरक्षा के स्तर को बढ़ाकर सबसे ऊंचे स्तर पर कर दिया गया है ताकि जरूरी चीजों की सप्लाई बनी रहे।
सरकार द्वारा उठाए गए कूटनीतिक और सैन्य कदम
कैबिनेट ने इन हमलों को कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। विदेशी दूतावासों के जरिए विरोध दर्ज कराया जा रहा है और पड़ोसी देशों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
| विषय | सरकारी कार्यवाही |
|---|---|
| डिप्लोमैटिक विरोध | ईरानी राजदूत और इराकी चार्ज डी’फेयर को तलब कर सख्त विरोध पत्र सौंपा गया है। |
| राष्ट्रीय तैयारी | सभी सरकारी विभागों को आपातकालीन स्थिति और सुरक्षा इंतजामों के लिए तैयार रहने को कहा गया है। |
| खाड़ी सहयोग | सऊदी अरब, बहरीन और यूके जैसे देशों ने कुवैत की सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है। |
| यूएन सुरक्षा परिषद | कुवैत ने यूएन के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है जो खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों की निंदा करता है। |
कुवैत के विदेश मंत्री Jarrah Al-Jaber Al-Sabah ने कैबिनेट को बताया कि देश को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी खाड़ी देश की सुरक्षा पर खतरा पूरे क्षेत्र के लिए खतरा माना जाएगा। नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।




