UAE में ईरानी हमलों के बीच ग्रीस के रक्षा मंत्री पहुंचे अबू धाबी, क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई बड़ी चर्चा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने अबू धाबी में ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास से मुलाकात की। यह बैठक 31 मार्च 2026 को हुई, जब क्षेत्र में ईरान की ओर से किए जा रहे मिसाइल हमलों के कारण तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों नेताओं ने इस मुलाकात के दौरान आपसी संबंधों को मजबूत करने और मध्य पूर्व में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर अपनी राय साझा की।
हमलों का असर और सुरक्षा की वर्तमान स्थिति
ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। 31 मार्च 2026 को दक्षिणी दुबई में हुए हमले में 4 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा दुबई के बंदरगाह पर एक कुवैती तेल टैंकर को भी निशाना बनाया गया। ग्रीस के रक्षा मंत्री ने इस संकट की घड़ी में UAE के प्रति अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है।
- UAE के विदेश मंत्री ने कहा कि ग्रीस की यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है।
- बैठक में इन हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा हुई।
- UAE रक्षा मंत्रालय ने देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी खतरे से सख्ती से निपटने की अपनी पूरी तैयारी की पुष्टि की है।
- इसी दौरान शेख अब्दुल्ला ने बहरीन में नाकाम किए गए एक आतंकी साजिश की भी कड़े शब्दों में निंदा की।
सुरक्षा बलों द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई के आंकड़े
UAE की वायु रक्षा प्रणालियों ने पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि सुरक्षा एजेंसियां खतरों को रोकने के लिए कितनी मुस्तैदी से काम कर रही हैं:
| तारीख | रोकी गई मिसाइलें | रोके गए ड्रोन (UAVs) |
|---|---|---|
| 30 मार्च 2026 | 11 बैलिस्टिक मिसाइलें | 27 ड्रोन |
| 31 मार्च 2026 | 8 बैलिस्टिक और 4 क्रूज मिसाइलें | 36 ड्रोन |
इस संकट के समय में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी UAE का समर्थन किया है। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भी कतर के अमीर के साथ फोन पर बात कर क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है। प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि दैनिक जीवन पर इसका असर न पड़े।




